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तेजस्वी के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का हंगामा

पटना : बिहार विधानसभा में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बचाव में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के दिए गए वक्तव्य को लोकतंत्र के मंदिर को कलंकित करने वाला बताते हुए उनसे माफी और इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा किया, जिसके कारण सभा की कार्यवाही 15 मिनट बाद ही अपराह्न चार बज कर 50 मिनट तक के लिए स्थगित करनी पड़ी ।
सभा की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा के सदस्य नारेबाजी करने लगे। नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने सदन में कल कही गई अश्लील भाषा को सेक्स एजुकेशन कहकर लोकतंत्र के इस मंदिर को कलंकित किया है। मुख्यमंत्री ने सदन में दिए गए कल के अपने वक्तव्य पर खेद व्यक्त किया और माफी भी मांगी है लेकिन लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर में सेक्स एजुकेशन की बात कहने वाले उप मुख्यमंत्री ने अभी तक क्षमा नहीं मांगी है । उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए ।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी बात वापस ले ली है और खेद भी प्रकट कर दिया है । कल जब उन्होंने बात कही थी तब उन्हें उस समय खराब नहीं लगा था जब दिल्ली से डांट पड़ी तब इन लोगों को कल की बात खराब लग रही है । उन्होंने कहा कि असल बात यह है कि जातीय जनगणना अच्छे से सफल हो गई और उसके बाद अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा और अति पिछड़ा की आरक्षण सीमा को बढ़ा दिया गया और लाखों नौजवानों को नौकरी मिल रही है, इन सब से उनके आला कमान विचलित हो गए हैं इसलिए रात में इन लोगों को बहुत जोर से डांट लगाई है और वहां तुम लोग क्या कर रहे हो। इसलिए, यह लोग सदन में हंगामा कर रहे हैं। उनके प्रति मेरी भी सहानुभूति है।
इससे पहले सभाध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने शोरगुल के बीच कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरण में सम्मिलित अनुदानों की मांगों का व्यवस्थापन होगा । इस विवरण में सम्मिलित अनुदानों की मांगों की कुल संख्या 43 है । आज इसके लिए एक दिन का समय निर्धारित है इसलिए किसी एक ही विभाग के अनुदान की मांग के प्रस्ताव पर वाद विवाद, सरकार का उत्तर और मतदान हो सकता है। आज शिक्षा विभाग पर वाद विवाद, सरकार का उत्तर और मतदान होगा । शेष मांगों का व्यवस्थापन गिलोटिन (मुखबंध) के माध्यम से किए जाएंगे ।
शोरगुल के बीच ही सभाध्यक्ष ने वाद विवाद के लिए निर्धारित तीन घंटे में से सभी दलों के लिए समय का आवंटन किया । इसके बाद शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर ने अपने विभाग की अनुदान मांग से संबंधित प्रस्ताव पेश किया । सभाध्यक्ष ने भाजपा के जनक सिंह से कटौती प्रस्ताव पेश करने को कहा लेकिन हंगामा जारी रहा ।
हंगामा पर सभाध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जो लोग भी हंगामा करेंगे उन्हें सदन से बाहर कर दिया जाएगा । इसके बाद सभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के बीच तीखी नोंक झोंक भी हुई और दोनों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए । बाद में सभाध्यक्ष ने सभा की कार्यवाही अपराह्न चार बज कर 50 मिनट तक के लिए स्थगित स्थगित कर दी ।

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