पटना : नीतीश कुमार ने आज अधिकारियों को पराली जलाने वाले किसानों से धान की अधिप्राप्ति नहीं करने का निर्देश दिया ।
कुमार ने सोमवार को एक अणे मार्ग स्थित ‘नेक संवाद’ में खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में धान अधिप्राप्ति को लेकर समीक्षात्मक बैठक के दौरान अधिकारियों को पराली जलाने वाले किसानों से धान की अधिप्राप्ति नहीं करने का निर्देश दिया । उन्होंने कहा कि किसानों को पराली नहीं जलाने के लिए प्रेरित करें और उन्हें पराली जलाने से होने वाले नुकसान के संबंध में बताएं कि पराली जलाने से वातावरण खराब होता है, साथ ही खेतों की उर्वरा शक्ति भी खत्म होने लगती है । सोशल मीडिया के माध्यम से भी इसे प्रचारित करें और बताएं कि जो किसान पराली जलाएंगे, उनकी धान अधिप्राप्ति नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की हरसंभव सहायता कर रही है। कृषि को बढ़ावा देने के लिए किसानों के हित में कई कदम उठाए गए हैं। कृषि रोड मैप के लागू होने से उत्पादन बढ़ा है। उन्होंने कहा,”अधिप्राप्ति का काम हमलोगों ने शुरू कराया। पैक्सों को बढ़ावा दिया गया है। पैक्सों के हित में हमलोग हमेशा सोचते हैं। पैक्सों को अधिप्राप्ति प्रक्रिया में राज्य खाद्य निगम द्वारा सी०एम०आर० (चावल) के भुगतान के साथ दो माह का ब्याज एवं प्रबंधकीय अनुदान के रूप में 10 रूपये प्रति क्विंटल का भुगतान भी किया जाता है। इसके अलावा अधिप्राप्ति प्रक्रिया में पैक्सों को जो अतिरिक्त राशि खर्च होगी, उसका वहन राज्य सरकार करेगी।”
पराली जलाने वाले किसानों से धान अधिप्राप्ति नहीं की जाएगी
