पटना : बिहार में पटना व्यवहार न्यायालय स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने विधि विरुद्ध क्रियाकलाप में लिप्त रहने के एक मामले में जेल में बंद दो कथित माओवादियों से हिरासती पूछताछ के लिए एनआईए को सात दिनों की पुलिस रिमांड पर सौंपे जाने का आज आदेश दिया। विशेष अदालत के न्यायाधीश अभिजीत सिन्हा के न्यायालय में एक आवेदन दाखिल कर एनआईए की ओर से दोनों अभियुक्तों को पुलिस रिमांड पर दिए जाने की प्रार्थना की गई थी ताकि उनसे पूछताछ की जा सके। आवेदन स्वीकार करते हुए अदालत ने जेल में बंद रोहित राय उर्फ़ प्रकाश और प्रमोद यादव को सात दिनों की पुलिस रिमांड पर हिरासती पूछताछ के लिए एनआईए को सोंपे जाने का आदेश दिया।
अदालत में यह मामला विशेष वाद संख्या 10/2023 के रूप में दर्ज है। एनआईए ने इस मामले की प्राथमिकी आरसी 27/2023 के रूप में शस्त्र अधिनियम की धारा 25, 26 एवं 35 तथा विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निरोधक अधिनियम की धारा 13,16,18 एवं 20 के तहत कैमूर जिले के भभुआ थाना क्षेत्र निवासी रोहित राय उर्फ प्रकाश और गया जिले के कोच थाना क्षेत्र निवासी प्रमोद यादव के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है।
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार 07 अगस्त 2023 को औरंगाबाद के गोह थाना क्षेत्र में पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था और उनके पास से नक्सली साहित्य, शस्त्र एवं अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद की थी। इस संबंध में गोह थाना कांड संख्या 271/2023 दर्ज किया गया था। आरोप के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त उग्रवादी नक्सली गतिविधियों में लिप्त थे एवं ईट भट्ठा मालिकों एवं ठेकेदारों से लेवी की वसूली करते थे। मामले में उग्रवादी गतिविधियों का पता चलने पर एनआईए ने अपनी प्राथमिकी दर्ज की है।
दो कथित माओवादियों की पुलिस रिमांड
