पटना : नीतीश कुमार ने अपनी यात्रा का उद्देश्य लोगों से सीधा संवाद स्थापित करना बताया और कहा कि दिक्कतों का समाधान होना जरूरी है।
कुमार ने शुक्रवार को समाधान यात्रा के क्रम में अररिया जिले की जीविका दीदियों से संवाद कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “हमलोग विभिन्न इलाकों में घूमकर जायजा ले रहे हैं कि जो योजनाएं चलाई जा रही हैं उसकी कितनी प्रगति है। सभी जगहों पर काम हुआ है या नहीं। विभिन्न इलाकों में जाने से लोगों की समस्याओं के बारे में जानकारी मिलने पर उसका समाधान कराया जाता है। आज कई जगहों पर लोगों ने बताया है कि बिजली का बिल ज्यादा आ रहा है। इसको लेकर हमने मुख्य सचिव से लेकर सभी अधिकारियों को निर्देश दे दिया है। हमने ऐसे मामलों की पूरे तौर पर जांच करने को कहा है कि आखिर बिल इस तरह से कैसे आया है। अगर कोई गड़बड़ कर रहा है तो इसे देखना पड़ेगा। पहले से ही कहा गया है कि बिजली के उपभोक्ताओं को ज्यादा बिल नहीं आना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि घूमने के दौरान जो समस्याएं आती हैं उसका समाधान कराना ही उनकी यात्रा का उद्देश्य है। अभी वह यह दावा नहीं कर सकते हैं कि सभी काम हो ही गया हो लेकिन बहुत कुछ हुआ है। जहां कहीं भी वह जा रहे हैं तो लोगों को लगता है कि यह भी काम होना चाहिए इसलिए वे लोग अपनी बात उनके सामने रखते हैं। जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा को वह साथ में लिये हुए हैं कि अगर कहीं से कोई दिक्कत सामने आती है तो उसे ये भी देख सकें। जो दिक्कतें हैं उसका समाधान होना जरुरी है। जो काम हो गया है वह बहुत अच्छा है लेकिन आगे क्या होना है उसे भी जानना और समझना जरूरी है। आज भी उन्होंने सभी लोगों की बातों को सुना है। कहीं पर अगर सड़क को लेकर किसी की शिकायत आती है तो उसका भी समाधान कराया जाता है।
कुमार ने समाधान यात्रा में जुट रही भारी भीड़ के सवाल पर कहा कि यात्रा के दौरान लोगों से वह सीधा संवाद कर रहे हैं। जो कोई भी अपनी बात कहना चाहता है उसकी बातों को वह सुनते हैं। उनलोगों का ज्ञापन भी लिया जाता है। यात्रा के दौरान पैदल चलने के दौरान वह सभी की बातों को सुनते रहते हैं। दूर से भी कोई व्यक्ति आवाज लगाता है तो वह रुककर उसे पास बुलाकर उसकी बातों को सुनते हैं। कोई अपनी समस्या बताता है तो उसकी बातों को गौर से सुना जाता है। इसको लेकर वह अधिकारियों को निर्देश भी देते हैं।
दिक्कतों का समाधान होना जरूरी
