पटना : बच्चों का लैंगिक अपराध से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की बिहार में पटना व्यवहार न्यायालय स्थित एक विशेष अदालत ने नाबालिग का अपहरण एवं दुष्कर्म करने के जुर्म में आज दोषी युवक को 20 वर्षों के सश्रम कारावास की सजा के साथ 15 हजार रुपये का जुर्माना भी किया।
पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश कमलेश चंद्र मिश्रा ने मामले में सुनवाई के के बाद पश्चिम बंगाल के निवासी टोकन शेख को पॉक्सो अधिनियम एवं भारतीय दंड विधान की अलग अलग धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को आठ माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी। इसके अलावा अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास के लिए उसे चार लाख रुपये दिए जाने का निर्देश जिला विधिक सेवा प्राधिकार को दिया है ।
विशेष लोक अभियोजक सुरेश चंद्र प्रसाद ने बताया कि वर्ष 2021 में पटना के बेउर थाना क्षेत्र से एक नाबालिग बालिका का अपहरण कर उसे इलाहाबाद ले जाकर छोड़ दिया गया। इलाहाबाद से जब वह वापस लौट रही थी तो आगरा में दोषी उससे मिला जो उसे बरगलाकर पश्चिम बंगाल लेकर चला गया। पश्चिम बंगाल में दोषी ने पीड़िता के साथ शादी का नाटक कर उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया। इस संबंध में पटना के बेउर थाना में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में अभियोजन ने आरोप साबित करने के लिए अदालत में कुल छह गवाहों का बयान कलम बंद करवाया था।
नाबालिग से दुष्कर्म, दोषी युवक को 20 वर्ष की सजा
