पटना : बिहार में पटना स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने हथियारों एवं विस्फोटकों की जखीरा बरामदगी के मामले में आज तीन कथित माओवादियों को दोषी करार दिया। एनआईए के विशेष न्यायाधीश अभिजीत सिन्हा ने मामले में सुनवाई के बाद झारखंड में पलामू के उदित नारायण सिंह उर्फ तुलसी उर्फ तूफान, बिहार में जहानाबाद के करौरा निवासी अखिलेश उर्फ मनोज सिंह एवं एक अन्य अभियुक्त अर्जुन उर्फ मनी यादव को विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निरोधक अधिनियम, शस्त्र अधिनियम एवं विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की अलग-अलग धाराओं में दोषी करार दिया है। विशेष अदालत ने उदित नारायण सिंह और अखिलेश को विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निरोधक अधिनियम की धारा 16, 17, 18, 20 एवं 38 तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 25 (1) ए, 26, 35 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा चार तथा पांच के तहत दोषी करार दिया है।
वहीं, अभियुक्त अर्जुन उर्फ मनी यादव को विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निरोधक अधिनियम की धारा 16, 20 और 38 तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 25 (1) ए, 26, 35 एवं विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा पांच के तहत दोषी करार दिया है। सजा के बिंदु पर सुनवाई 04 दिसंबर 2023 को होगी।
मामला वर्ष 2012 का है। एनआईए के लोक अभियोजक प्रमोद कुमार ने बताया कि 26 मार्च 2012 को औरंगाबाद नगर थाना के थाना अध्यक्ष ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर उदित नारायण सिंह और अखिलेश कुमार के पास से तथा उनकी निशानदेही पर हथियारों, विस्फोटक पदार्थो एवं विस्फोटक पदार्थ बनाने के सामानों का जखीरा बरामद किया था।
प्राथमिकी के अनुसार, दोषियों ने खुलासा किया था कि उक्त सामानों का उपयोग झारखंड एवं बिहार में विभिन्न सरकारी संस्थानों, पुल एवं पुलिया को नष्ट करने के उद्देश्य से जमा किया गया था। साथ ही रंगदारी और लेवी वसूले जाने का भी आरोप था। दोषियों द्वारा अर्जुन उर्फ मनी यादव की भी सक्रिय भूमिका का खुलासा किया गया था। मामले में उग्रवादी गतिविधियों का पता चलने पर औरंगाबाद नगर थाना कांड संख्या 115/2012 के आधार पर एनआईए ने आरसी 01/2013 के रूप में अपनी प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की थी । अदालत में मामला विशेष वाद संख्या 4 /2013 के रूप में दर्ज किया गया था।
तीन कथित माओवादी दोषी करार
