नव नालंदा महाविहार सम विश्वविद्यालय , नालंदा के हिन्दी पखवाड़े , 2023 की कविता, निबंध, भाषण, अनुवाद व टंकण- प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों व गैर शैक्षणिक स्टाफ को कुलपति प्रो. राम नक्षत्र प्रसाद ने पुरस्कृत किया। इस अवसर पर प्रो प्रसाद ने कहा कि हिन्दी के आयोजनों में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी यह सुनिश्चित करती है कि भाषा, राजभाषा व साहित्य- संस्कृति में उनकी गहरी रुझान है तथा यह एक सुनहरे भविष्य का द्योतक है। विद्यार्थियों की भाषिक समृद्धि से उनके विचारों में गहराई , स्पष्टता व शैलीगत वैशिष्ट्य आता है। साथ ही, उनमें आत्म विश्वास भी आता है। हिन्दी पखवाड़े से उनको भारत की राजभाषा नीति से अवगत होने का भी अवसर मिलता है।
अपने आरंभिक सम्बोधन में हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. रवींद्र नाथ श्रीवास्तव ‘परिचय दास’ ने कहा कि हिन्दी पखवाड़े को सर्जनात्मक ढंग से आयोजित किया गया। यह विद्यार्थियों व स्टाफ के भाषिक प्रशिक्षण का सुअवसर जैसा है। इसमें उन्हें भाषा की बारीक़ी के साथ बोलने , अनुवाद, टंकण , कविता रचने की तकनीक तथा कार्यालय-कार्य में हिन्दी के उपयोग का भी बोध होता है। भाषा विद्यार्थी व स्टाफ को अभिव्यक्ति की संसिद्धि देती है। उन्हें राजभाषा की उपयोगिता का भी पता चलता है। इस अवसर पर आये विद्वानों से मिलने व उनके विचार जानने का अवसर भी उन्हें मिलता है जो उनके जीवन की सांस्कृतिक महत्ता व अन्य क्षेत्रों में प्रगति के लिये आवश्यक है।
धन्यवाद-ज्ञापन करते हुए प्रो. हरेकृष्ण तिवारी ने कहा कि पुरस्कृत होकर विद्यार्थी आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। हिन्दी आज गतिशील भाषा है। उसका वैश्विक मान है। हिन्दी पखवाड़े से अधिकारियों - कर्मचारियों - विद्यार्थियों को हिन्दी में हिन्दी में कार्य की प्रेरणा मिलती है।
आरम्भ में कुलपति महोदय को प्रो. रवींद्र नाथ श्रीवास्तव 'परिचय दास' ने शॉल , पुस्तक तथा प्रो. हरेकृष्ण तिवारी ने मूर्ति देकर सम्मानित किया। 