नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए उनके महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 2प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी, जिससे कर्मचारियों और पेंशनधारियों की आय में सीधा इजाफा होगा। सरकार के इस निर्णय से मौजूदा महंगाई दर के प्रभाव को संतुलित करने में मदद मिलेगी। बढ़ती कीमतों के बीच कर्मचारियों की क्रय शक्ति को बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इस फ़ैसले से लाखों परिवारों के लिए राहत लेकर आएगा और उनकी मासिक आय में उल्लेखनीय सुधार करेगा।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, महंगाई भत्ते में यह वृद्धि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप की गई है। भारत सरकार समय-समय पर महंगाई के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए DA और DR में संशोधन करती है, ताकि कर्मचारियों और पेंशनधारियों पर आर्थिक दबाव कम किया जा सके। इस फैसले से न केवल कार्यरत कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, बल्कि पेंशनभोगियों को भी महंगाई राहत के रूप में अतिरिक्त राशि प्राप्त होगी। सरकार का कहना है कि यह कदम कर्मचारियों और उनके परिवारों की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा और उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। आने वाले समय में भी महंगाई के रुझानों को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे। उल्लेखनीय है कि देशभर में लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनधारी इस फैसले का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद उन्हें प्रत्यक्ष रूप से इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।कुल मिलाकर, महंगाई भत्ते और राहत में यह 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी न केवल कर्मचारियों की आय में वृद्धि करेगी, बल्कि उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में भी सहायक साबित होगी। इसे सरकार की कर्मचारी-हितैषी नीतियों के एक और महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।