पटना, बिहार : बिहार में शराब की दुकानें दोबारा खुलने को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हैं। एक वायरल वीडियो और उसके साथ लगाए गए दावों में कहा जा रहा है कि राज्य में शराब की दुकानें फिर से चालू हो सकती हैं। इस खबर के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तस्वीर और शराब […]
मोकामा विधानसभा क्षेत्र में अनंत सिंह और उनके परिवार का लंबे समय से राजनीतिक प्रभाव रहा है। अनंत सिंह को क्षेत्र में ‘छोटे सरकार’ के नाम से भी जाना जाता है। वर्ष 2022 में उनकी विधायकी समाप्त होने के बाद उनकी पत्नी नीलम देवी ने राजनीतिक जिम्मेदारी संभाली थी। राष्ट्रीय जनता दल ने उन्हें चुनाव में उम्मीदवार बनाया था। बाद में 2024 में नीलम देवी ने…
तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी ने पहले ही आशंका जताई थी कि चुनाव के बाद JDU में स्थिरता को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं। उन्होंने अपने बयान में दावा किया कि नीतीश कुमार को लेकर उनकी भविष्यवाणी सही साबित हुई है और पार्टी के भीतर जारी संघर्ष से संगठन की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, JDU के भविष्य और…
बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम: मोकामा विधायक अनंत सिंह और पूर्व विधायक नीलम देवी छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित, विधानसभा सदस्यता पर भी उठे सवाल
राज्य इकाई का अध्यक्ष अपनी राज्य इकाई के अधीन आने वाले सदस्यों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, संविधान में विधायक, सांसद या राष्ट्रीय परिषद के सदस्य के मामले में प्रदेश अध्यक्ष की शक्तियों को लेकर…
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अनंत सिंह के निष्कासन के राजनीतिक परिणामों पर कोई निश्चित दावा नहीं किया। उन्होंने कहा कि इसका वास्तविक प्रभाव समय के साथ सामने आएगा। राजनीतिक दलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई का असर केवल संबंधित नेता तक सीमित रहेगा या संगठन के भीतर भी इसका प्रभाव दिखाई देगा, यह परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
अनंत सिंह पर आरोप था कि उन्होंने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज सिंह के बजाय जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया। उन्होंने अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार भी किया था और जदयू के उम्मीदवार का विरोध किया था। इस घटनाक्रम के दौरान उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को लेकर भी नाराजगी जाहिर की थी।
अनंत सिंह बिहार की राजनीति में लंबे समय से चर्चित चेहरा रहे हैं। मोकामा क्षेत्र की राजनीति में उनका प्रभाव और उनके राजनीतिक सफर को लेकर अक्सर चर्चा होती रही है। उनके नाम के साथ कई बार राजनीतिक विवाद भी जुड़े हैं।
बिहार में चुनावी मुकाबलों के दौरान स्थानीय समीकरण, जातीय समीकरण, संगठनात्मक ताकत और व्यक्तिगत लोकप्रियता की अहम भूमिकारहती है। ऐसे में कार्यकर्ताओं की जीत का दावा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अनंत सिंह के बयानों से यह भी सवाल उठ रहा है कि जेडीयू नेतृत्व इस पूरे घटनाक्रम को किस तरह संभालता है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर टिप्पणी और कार्रवाई की चुनौती के बाद संगठनात्मक अनुशासन का मुद्दा चर्चा में आ सकता है। दूसरी ओर, अनंत सिंह ने अपने बयान से यह संकेत दिया है कि वह चुनाव में अपने समर्थन को लेकर पीछे हटने के इच्छुक नहीं हैं।
महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए अखिलेश सिंह ने कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान भी गांधीजी को निशाना बनाया जाता था। उन्होंने इस ऐतिहासिक संदर्भ के जरिए यह तर्क रखा कि राजनीतिक विरोध और आलोचना का सिलसिला नया नहीं है। उनके अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों को समझने के लिए सरकार को विरोध के पीछे मौजूद कारणों पर विचार करना चाहिए।
जिन आठ सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें पटना स्नातक, दरभंगा स्नातक, तिरहुत स्नातक, कोसी स्नातक, पटना शिक्षक, दरभंगा शिक्षक, तिरहुत शिक्षक और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों के मौजूदा विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त होने वाला है। चुनाव के नतीजों के लिए मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है।
बिहार : बिहार के पूर्णिया से कथित बकरा चोरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे दावे के मुताबिक, सड़क किनारे बैठे बकरों को एक कार में रखकर ले जाने की घटना सामने आई है। वीडियो में सड़क के किनारे खड़ी एक सफेद कार दिखाई देती […]
बिहार की राजनीति में विधान परिषद चुनाव का महत्व केवल सीटों के गणित तक सीमित नहीं रहता। ऐसे चुनावों के परिणाम विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रभाव, मतदाताओं की प्राथमिकताओं और स्थानीय मुद्दों को लेकर उनके रुख का संकेत दे सकते हैं। प्रशांत किशोर ने इसी संदर्भ में चुनाव को सरकार के कामकाज पर जनता की प्रतिक्रिया दर्ज कराने का माध्यम बताया है।
गाजीपुर/बक्सर। बिहार के बक्सर जिले से जुड़े कथित माफिया नेटवर्क और अवैध हथियारों के मामले में वांछित बताए जा रहे अजीत राय तथा सुजीत यादव की तलाश को लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार में पुलिस की कार्रवाई चर्चा में है। गाजीपुर में अवैध असलहों की बरामदगी और लंबे समय से चल रही आपराधिक गतिविधियों के […]
इन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में शिक्षकों, स्नातकों और अन्य पात्र मतदाताओं की भूमिका अहम है। उम्मीदवारों की छवि, शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दे, स्थानीय संपर्क तथा राजनीतिक दलों की संगठनात्मक ताकत नतीजों को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में सम्राट चौधरी, लालू यादव, निशांत कुमार, प्रशांत किशोर और नीरज कुमार की सक्रियता पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं।
सुनील कुमार पेशे से ट्रांसपोर्टर थे और गाजियाबाद में रहकर ट्रांसपोर्टिंग एजेंसी से जुड़े काम करते थे। उनके पास ट्रेलर भी था, जिसे वह परिवहन के काम में लगाते थे। बताया जा रहा है कि वह बिहार में भी अपना ट्रांसपोर्ट कारोबार शुरू करने की तैयारी कर रहे थे। दुर्गापूजा के अवसर पर वह अपनी मां से मिलने गांव आए थे।
रेल पुलिस अब संदिग्धों की पहचान करने के लिए रेलवे स्टेशन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि ट्रॉली बैग लेकर कौन लोग ट्रेन में सवार हुए थे और वे किस स्टेशन से चढ़े थे। पुलिस को उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से तस्करी में शामिल लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
पटना। भोजपुरी मनोरंजन जगत में अभिनेत्री अक्षरा सिंह एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इस बार चर्चा का केंद्र उनके अभिनय या किसी फिल्मी प्रोजेक्ट के बजाय महिलाओं के सम्मान और कलाकारों के सार्वजनिक व्यवहार से जुड़ा मुद्दा है। सोशल मीडिया पर सामने आई एक पोस्ट में लड़कियों और […]
नीतीश कुमार को सभी का गुरु बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का इस बिहार विधान परिषद चुनाव से कोई मतलब नहीं है। उनके मुताबिक, नीतीश कुमार न तो नीरज कुमार के पक्ष में हैं और न ही उनके अपने पक्ष में।
नीरज कुमार का इलाज लगातार जारी है। ICU में भर्ती मरीजों की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि स्वास्थ्य मेंहोने वाले किसी भी बदलाव के अनुसार तत्काल चिकित्सा कदम उठाए जा सकें। नीरज कुमार के मामले में भी डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं…
मुंगेर, बिहार : भोजपुरी सिनेमा के चर्चित अभिनेता और गायक पवन सिंह एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। बिहार के मुंगेर में आयोजित दुर्गा पूजा महोत्सव के दौरान पवन सिंह ने अभिनेत्री अक्षरा सिंह और उनके माता-पिता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। कार्यक्रम के मंच से कही गई उनकी बातों का […]
रामकुमार सिंह की हत्या 15 अक्टूबर की सुबह आरा शहर के कनकपुरी मोहल्ले में हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की। पुलिस लगातार अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही थी। जांच के दौरान संदिग्धों की गतिविधियों और उनके संभावित ठिकानों का पता लगाने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए गए।
एफआईआर दर्ज होने के बाद बिहार के राजनीतिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खासकर अनंत सिंह के खिलाफ दर्ज मामले में अब आगे क्या कार्रवाई होगी, इस पर लोगों की नजर है। हालांकि, प्राथमिकी दर्ज होना अपने आप में किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करता। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्यक्रम के दौरान नियमों का किस हद तक उल्लंघन हुआ और इसमें किन लोगों की क्या भूमिका रही।
आरके सिंह ने इस मामले में केवल आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग ही नहीं की, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की बात कही है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं और जीवन-मरण सब उनके हाथ में है। ऐसे में यह कहना कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीने भगवान श्रीराम को उनका घर दिलाया, उनके मुताबिक अहंकार की पराकाष्ठा है।
बिहार की राजनीति में अनंत सिंह का कथित बयान चर्चा में है। नीतीश कुमार के साथ पुराने संबंधों और वायरल दावे की पूरी जानकारी पढ़ें।
बिहार में राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच बयानबाजी का दौर अक्सर चुनावी गतिविधियों और संगठनात्मक समीकरणों के साथ तेज होता रहा है। ऐसे में अनंत सिंह की टिप्पणी को भी राज्य की मौजूदा राजनीतिक बहस के संदर्भ में देखा जा रहा है। नीरज कुमार की ओर से किस संदर्भ में टिप्पणी की गई थी और उसके जवाब में अनंत सिंह ने किन परिस्थितियों का उल्लेख किया, यह पूरे विवाद को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
पुलिस ने यात्री से चांदी के आभूषणों के बारे में जानकारी मांगी। साथ ही यह भी जानने की कोशिश की गई कि वह इतनी बड़ी मात्रा में चांदी कहां से लेकर आया था और इसे कहां ले जाने वाला था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह व्यक्ति बरामद आभूषणों से संबंधित जरूरी कागजात नहीं दिखा सका। सामान के संबंध में दस्तावेज पेश नहीं…
भागलपुर के राजापुर गांव पहुंची रूसी युवती, प्रेम और सादगी की कहानी ने खींचा लोगों का ध्यान; खबर के अनुसार नवंबर में दोनों परिवारों की सहमति से शादी की तैयारी।
बिहार के वैशाली जिले में गंगा नदी पर हुआ नाव हादसा कई परिवारों के लिए कभी न भूल पाने वाला दुख बन गया है। कम उम्र में बच्चों की मौत ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया।
एक ही परिवार की 7 बच्चियों की गई जान; 17 वर्षीय लड़की ने बचाईं 3 जानें वैशाली, बिहार। बिहार के वैशाली जिले में गंगा नदी में नाव पलटने से बड़ा हादसा हो गया। राघोपुर क्षेत्र में मंगलवार रात करीब 8:30 बजे हुए इस हादसे में 13 की मौत हो गई। मृतकों की उम्र 6 से […]
अदालत ने कहा कि महिला का मुंह दबाकर उसे चुप कराने और उसके ऊपर लेटने जैसे कृत्य, यदि दुष्कर्म करने की दिशा में स्पष्ट कदम उठाने के पर्याप्त प्रमाणों से समर्थित न हों, तो भारतीय दंड संहिता की धारा 376/511 के तहत दुष्कर्म का प्रयास साबित करने के लिए अपने आप में पर्याप्त नहीं हैं।
चलती ट्रेन में मोबाइल चोरी के आरोप के बाद युवक के बाहर लटके होने का वीडियो वायरल! बिहार के भागलपुर से जुड़ी इस घटना ने यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, वीडियो में किए गए दावों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा यानी कंबाइंड कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन (CCE) की प्रारंभिक परीक्षा को स्थगित करने संबंधी सूचना जारी की है।
दरभंगा के बाजार समिति चौक पर 25 से 30 हजार बांस से भव्य दुर्गा पूजा पंडाल तैयार हो रहा है। रामेश्वरम मंदिर से प्रेरित डिजाइन और 70–80 लाख रुपये की अनुमानित लागत इसे खास बना रही है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी केवल चुनाव कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे यह भरोसा भी कायम रखना होगा कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष है। उन्होंने कहा कि जब जनता को चुनाव प्रक्रिया पर विश्वास नहीं रहेगा, तब लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती पर भी सवाल खड़े होंगे। इसलिए किसी एक अधिकारी या किसी एक घटना पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय चुनावी संस्थाओं में….
त्योहारों के दौरान विशेष ट्रेनों का संचालन रेलवे के लिए हर साल बड़ी चुनौती रहता है। दीपावली और छठ के कारण बिहार जाने वाली ट्रेनों में मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में यदि दिल्ली-पटना वंदे भारत स्पेशल को मंजूरी मिलती है तो यात्रियों को नियमित ट्रेनों के अलावा एक और तेज विकल्प मिलेगा। हालांकि अंतिम संचालन, तारीख, समय और किराये की पुष्टि रेलवे बोर्ड की…
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के नीरज कुमार और जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह के बीच मुकाबला है। भाजपा और जेडीयू ने एनडीए के तहत अलग-अलग सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि अन्य दल भी अपने प्रत्याशियों के साथ चुनाव मैदान में हैं…
हालांकि, उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी में किसी बगावत से इनकार किया है। उनका कहना है कि रालोमो एनडीए के साथ है और जहां गठबंधन का अधिकृत उम्मीदवार है, वहां पार्टी उसका समर्थन कर रही है। कुशवाहा ने सारण सीट पर भी जदयू प्रत्याशी आनंद पुष्कर के समर्थन की बात दोहराई। इस तरह पार्टी नेतृत्व और तीन विधायकों के रुख में साफ अंतर दिखाई दे रहा है