आधुनिक भारत में परिवारों की संरचना और जीवनशैली तेजी से बदल रही है। महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक, अब ऐसे परिवारों की संख्या बढ़ रही है जहाँ पति और पत्नी दोनों कामकाजी हैं। बढ़ती महंगाई, बेहतर जीवन स्तर की आकांक्षा और करियर की चुनौतियों ने दोहरी आय वाले परिवारों को सामान्य बना दिया है। […]
नई दिल्ली: भारतीय राजनीति के इतिहास में 9 जून 2013 एक ऐसा दिन माना जाता है जिसने देश की राजनीतिक दिशा और दशा दोनों को प्रभावित किया। इसी दिन गोवा में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की […]
भारतीय राजनीति एक ऐसे संक्रमणकाल से गुजर रही है, जहां केवल चुनावी जीत और हार ही राजनीतिक भविष्य का निर्धारण नहीं कर रही, बल्कि दलों की आंतरिक एकजुटता, नेतृत्व की स्वीकार्यता और बदलते सामाजिक समीकरण भी उतने ही महत्वपूर्ण हो गए हैं। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को लेकर चल रही चर्चाओं को यदि व्यापक […]
भारत के सार्वजनिक जीवन में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो स्वयं सुर्खियों में कम रहते हैं, लेकिन जिनके बिना लोकतंत्र की कई महत्वपूर्ण संस्थाओं की कल्पना अधूरी लगती है। डॉ. सुभाष कश्यप ऐसा ही एक नाम थे। संविधान, संसद और लोकतांत्रिक परंपराओं के इस अद्वितीय अध्येता ने लगभग एक शताब्दी का जीवन जिया और […]
30 मई 2026 का दिन हिंदी पत्रकारिता के इतिहास में केवल एक तिथि नहीं, बल्कि एक ऐसी ऐतिहासिक यात्रा का पड़ाव है, जो दो सौ वर्षों से भारतीय समाज की चेतना, संघर्ष, स्वप्न और सरोकारों को शब्द देती रही है। यह वही दिन है जब 1826 में हिंदी के प्रथम समाचार पत्र उदंत मार्तंड का […]
बिहार की राजनीति में इन दिनों एक नाम लगातार राजनीतिक गलियारों, संगठनात्मक बैठकों और सत्ता के समीकरणों के केंद्र में दिखाई दे रहा है विजय कुमार सिन्हा। कभी प्रशासनिक सख्ती के कारण चर्चा में रहने वाले विजय सिन्हा अब भाजपा की उस नई राजनीतिक धारा के प्रतिनिधि माने जा रहे हैं, जहाँ संगठन, वैचारिक प्रतिबद्धता […]
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए… इस शेर के रचयिता और मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र की कल की शाम अंतिम शाम हो गई। शायरी और ग़ज़ल को भारी भरकम उर्दू के शब्दों की जगह आम आदमी को समझ आने वाले शब्दों में […]
संयुक्त राष्ट्र की नई जलवायु रिपोर्ट ने दुनिया के सामने भविष्य की एक चिंताजनक तस्वीर रखी है। रिपोर्ट के अनुसार आने वाले पांच वर्ष मानव इतिहास के सबसे गर्म वर्षों में शामिल हो सकते हैं। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि वर्ष 2026 से 2030 के बीच पृथ्वी का औसत तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस की […]
समकालीन विश्व-राजनीति के परिदृश्य में कूटनीति अब केवल शक्ति, संधि और सामरिक हितों का औपचारिक अनुशासन नहीं रह गई है | वह धीरे-धीरे प्रतीकों, सांस्कृतिक संकेतों और दृश्य-अनुभवों की संरचना में रूपांतरित हो चुकी है। इसी संदर्भ में प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इटली की प्रधानमन्त्री जॉर्जिया मेलोनी को भेंट किया गया “मेलोडी” टॉफी का साधारण-सा […]
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक मैनेजर और महिला कर्मचारी के बीच हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हो रहा है। इस चैट को लोग “सपोर्टिव वर्क कल्चर” का उदाहरण बता रहे हैं। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि एक कंपनी के मैनेजर ने अपनी महिला कर्मचारी को पीरियड्स के दौरान दो […]
केरलम में कांग्रेस ने वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री चुनकर केवल एक नेता का चयन नहीं किया है बल्कि उसने अपनी सबसे पुरानी राजनीतिक बीमारी मुख्यमंत्री चयन की अनिश्चितता और अंतहीन गुटबाज़ी से बाहर निकलने की कोशिश की है। UDF को 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटों का प्रचंड जनादेश मिला। कांग्रेस अकेले 63 सीटें जीतकर […]
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें केवल आर्थिक विषय नहीं रह गई हैं, बल्कि वे राजनीति, चुनाव और जनभावनाओं से भी गहराई से जुड़ चुकी हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के समाप्त होते ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई वृद्धि ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या भारत में […]
भारत आज विश्व की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। तेज आर्थिक विकास, बढ़ता वैश्विक प्रभाव और विशाल युवा शक्ति भारत को नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं। किंतु इस विकास यात्रा के पीछे केवल देश के भीतर होने वाला उत्पादन और व्यापार ही नहीं, बल्कि विदेशों में बसे करोड़ों भारतीयों का योगदान भी […]
नई दिल्ली : देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आचरण से एक बड़ा संदेश देने का प्रयास किया है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल दो गाड़ियों के छोटे काफिले के साथ अपने आवास से निकले और कैबिनेट बैठक में पहुंचे। […]
नई दिल्ली। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु संकट के बीच दिल्ली में पृथ्वी संरक्षण का संदेश, 1700 छात्राओं ने लिया पर्यावरण बचाने का संकल्प। देशभर में बढ़ते तापमा। प्रदूषण और पर्यावरण संकट के बीच राजधानी दिल्ली में छात्राओं को पृथ्वी संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। पश्चिमी दिल्ली […]
गाजियाबाद : वर्तमान भारतीय राजनीति का परिदृश्य अनेक गंभीर प्रश्न खड़े करता है। लोकतंत्र का उद्देश्य समाज को जोड़ना, नागरिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाना और राष्ट्र को विकास की दिशा में आगे बढ़ाना होता है, किंतु आज की परिस्थितियाँ चिंता उत्पन्न करती हैं। राजनीति का केंद्र राष्ट्रहित से हटकर जातीय और साम्प्रदायिक समीकरणों […]
10 मई 1994… यह सिर्फ एक तारीख नहीं थी, बल्कि इंसानी इतिहास का वह क्षण था जब सदियों से दबाई गई एक आवाज सत्ता के सबसे ऊँचे मंच तक पहुँची। यह वह दिन था जब नेल्सन मंडेला ने दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली और दुनिया को यह एहसास कराया […]
तमिल सिनेमा के सुपरस्टार से नेता बने सी जोसेफ विजय ने आज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर इतिहास रच दिया। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में विजय ने तमिल भाषा में शपथ ली।शपथ के दौरान एक दिलचस्प पल भी देखने को मिला जब निर्धारित शपथ-पत्र से आगे बोलने पर राज्यपाल ने […]
रांची। सदस्य, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार से जुड़े रविंद्र तिवारी आज सड़क सुरक्षा और जनजागरूकता के क्षेत्र में एक सक्रिय, प्रभावशाली और सम्मानित व्यक्तित्व के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari के करीबी मित्र एवं सहयोगी के […]
नई दिल्ली : पृथ्वीराज मीणा (P R MEENA) का जीवन प्रशासनिक उत्कृष्टता और सामाजिक प्रतिबद्धता का अनूठा उदाहरण है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से सेवानिवृत्त होने के बावजूद वे आज भी समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनका करियर न केवल एक सफल प्रशासनिक अधिकारी की कहानी है, बल्कि सेवा और […]
Dr. Rashmi Singh आज भारतीय प्रशासनिक सेवा की उन चुनिंदा अधिकारियों में गिनी जाती हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत, ईमानदारी और संवेदनशील कार्यशैली से प्रशासनिक क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है। वर्ष 2007 बैच की आईएएस अधिकारी डॉ. रश्मी सिंह वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में आयुक्त एवं सचिव, आतिथ्य एवं प्रोटोकॉल विभाग के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत […]
तमिलनाडु की राजनीति में जो कुछ आज दिख रहा है, वह भारतीय लोकतंत्र के उस पुराने दौर की याद दिलाता है जब चुनाव सिर्फ़ जनादेश नहीं, बल्कि सत्ता के लिए गणित, सौदेबाज़ी और रणनीति का अखाड़ा बन जाया करते थे। एक समय था जब देश की राजनीति में “हंग असेंबली” कोई असामान्य बात नहीं थी। […]
पश्चिम बंगाल में जीत के बाद एक नया ट्रेंड दिखाई दे रहा है। पहले जो बीजेपी कहा करती थी कि हमें मुसलमानों का वोट नहीं मिलता है, अब वही बीजेपी खुलेआम कहती है कि वह हिंदुओं के वोट से चुनाव जीती है। इसके साथ ही यह भी जोड़ देती है कि जो हमारे साथ था, […]
उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में कुछ अधिकारी ऐसे होते हैं जो अपने पद से नहीं, बल्कि अपने काम और सोच से पहचाने जाते हैं। 2011 बैच के आईएएस अधिकारी दीपक मीणा उन्हीं में से एक हैं, जो जुलाई 2025 से गोरखपुर के जिलाधिकारी के रूप में लगातार सुर्खियों में बने हुए […]
भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं जो केवल फिल्मकार नहीं, बल्कि एक पूरी सांस्कृतिक चेतना के प्रतिनिधि बन जाते हैं। सत्यजीत रे उन्हीं में से एक हैं। उनकी जयंती केवल एक कलाकार को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि उस दृष्टि, संवेदना और मानवीयता को पुनः समझने का दिन है, जिसने भारतीय […]
नई दिल्ली : राजनीति का चक्र बड़ा निर्दयी होता है। जो कभी “आम आदमी” के नाम पर व्यवस्था बदलने निकला था, आज उसी की पार्टी सत्ता, स्वार्थ और अवसरवाद की आँधी में बिखरती दिख रही है। सात राज्यसभा सांसदों का भाजपा में जाना केवल दल-बदल नहीं, यह उस नैतिकता के गुब्बारे की हवा निकलना है […]
मध्य-पूर्व का वर्तमान संकट आज किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गया है। यह धीरे-धीरे एक ऐसे वैश्विक मोड़ में बदल चुका है जहाँ ताकत, संसाधन, ऊर्जा, सुरक्षा और कूटनीति… सब एक साथ दांव पर लगे हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ता तनाव, बातचीत का बार-बार विफल होना और क्षेत्रीय शक्तियों […]
हमारा समाज बड़ा उदार है। यहाँ लोग स्वयं चाहे जीवन की गाड़ी धक्के से चला रहे हों, पर दूसरों को जीवन-प्रबंधन पर ऐसा भाषण देंगे मानो ब्रह्मा जी ने सृष्टि-रचना से पहले इन्हीं से सलाह ली हो। सच ही कहा गया है “पर उपदेश कुशल बहुतेरे।” अर्थात् अपने जीवन का हिसाब भले ही अस्त-व्यस्त हो, […]
आज का मनुष्य जितना अपने दुःखों से नहीं टूटता, उससे कहीं अधिक वह दूसरों की खुशियों को देखकर भीतर ही भीतर बिखरने लगता है। यह केवल ईर्ष्या नहीं है, यह एक ऐसा अवसाद है जो तुलना की आग में जन्म लेता है और धीरे-धीरे आत्मा को खोखला कर देता है। पहले मनुष्य अपने जीवन को […]
आज के दौर में समाचार पत्रों और न्यूज़ चैनलों पर ‘लव जिहाद’ एक निरंतर चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रश्न यह उठता है कि इस सोच की उत्पत्ति आखिर हुई कैसे? प्रेम के मार्ग से सब कुछ संभव है—यह धारणा रातों-रात पैदा नहीं हुई। सत्य तो यह है कि यह कोई तात्कालिक घटना नहीं, […]
समाजवाद के लिए आज बहुत बड़ा दिन है। हम पुरबिया भईया लोग समाजवाद को जीने वाले गिरमिटिया मजदूर लोग है। आज भाजपा ने समाजवाद को शिखर पर पहुँचा दिया।पूर्वांचल और बिहार समाजवाद की नर्सरी है और बनारस समाजवाद की राजधानी है।आचार्य नरेंद्र देव, राम मनोहर लोहिया, जय प्रकाश नारायण, राजनारायण जी, कर्पूरी ठाकुर से होते […]
भारतीय संस्कृति में नारी को सृष्टि की जननी, शक्ति और संवेदना का स्रोत माना गया है। हमारे शास्त्रों में स्पष्ट कहा गया है – “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता” – अर्थात जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहाँ देवताओं का वास होता है। किंतु यह आदर्श वाक्य आज भी व्यवहारिक जीवन में पूर्णतः साकार नहीं हो पाया है। आधुनिकता […]
भारत के ग्रामीण जीवन की असली तस्वीर समझनी हो तो हमें कुछ दशक पीछे झांकना होगा। आज भले ही खेती और उत्पादन के आधुनिक साधनों ने गांवों की तस्वीर बदल दी हो, लेकिन लगभग 40–50 साल पहले हालात बिल्कुल अलग थे। उस समय खेती पूरी तरह प्रकृति पर निर्भर थी और उपज इतनी कम होती […]