नज़रिया

नारी: संघर्ष, संभावनाएँ और समाज

15 Apr 2026 12:06 PM IST

भारतीय संस्कृति में नारी को सृष्टि की जननी, शक्ति और संवेदना का स्रोत माना गया है। हमारे शास्त्रों में स्पष्ट कहा गया है –   “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता” –  अर्थात जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहाँ देवताओं का वास होता है। किंतु यह आदर्श वाक्य आज भी व्यवहारिक जीवन में पूर्णतः साकार नहीं हो पाया है। आधुनिकता […]

सतुआन की परंपरा: सत्तू, संघर्ष और ग्रामीण जीवन की सच्ची कहानी

15 Apr 2026 12:06 PM IST

भारत के ग्रामीण जीवन की असली तस्वीर समझनी हो तो हमें कुछ दशक पीछे झांकना होगा। आज भले ही खेती और उत्पादन के आधुनिक साधनों ने गांवों की तस्वीर बदल दी हो, लेकिन लगभग 40–50 साल पहले हालात बिल्कुल अलग थे। उस समय खेती पूरी तरह प्रकृति पर निर्भर थी और उपज इतनी कम होती […]

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