नई दिल्ली : देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आचरण से एक बड़ा संदेश देने का प्रयास किया है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल दो गाड़ियों के छोटे काफिले के साथ अपने आवास से निकले और कैबिनेट बैठक में पहुंचे। प्रधानमंत्री की इस पहल को सादगी, ईंधन बचत और जिम्मेदार नेतृत्व की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की बचत करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर देश ऊर्जा संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठा सकता है। अब प्रधानमंत्री ने स्वयं उसी अपील को अपने व्यवहार में उतारते हुए लोगों के सामने उदाहरण पेश किया है।
जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री के काफिले में पहली गाड़ी में स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने स्टाफ के साथ मौजूद थे, जबकि दूसरी गाड़ी में एसपीजी और सुरक्षा से जुड़े अधिकारी तैनात थे। आमतौर पर वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान लंबा काफिला देखने को मिलता है, लेकिन इस बार बेहद सीमित वाहनों के साथ उनका सफर चर्चा का विषय बन गया।
प्रधानमंत्री के इस कदम को केवल ईंधन बचत तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे सरकारी सादगी, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार प्रशासन के संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है। देश में बढ़ते प्रदूषण और ऊर्जा संकट के बीच सरकार लगातार ऊर्जा बचत, इलेक्ट्रिक वाहनों और वैकल्पिक संसाधनों को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। सोशल मीडिया पर भी प्रधानमंत्री मोदी के इस कदम की काफी सराहना हो रही है। कई लोगों ने इसे प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि जब देश का प्रधानमंत्री स्वयं उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है, तो आम नागरिकों को भी अनावश्यक ईंधन खर्च से बचने का प्रयास करना चाहिए।
वहीं कुछ लोगों ने इसे पर्यावरण जागरूकता से जोड़ते हुए सकारात्मक पहल बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकारी विभागों से लेकर आम जनता तक सभी लोग संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करें, तो देश को आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों स्तरों पर बड़ा लाभ मिल सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहल उसी दिशा में एक प्रभावशाली संदेश मानी जा रही है।
देशभर में इस खबर को लेकर चर्चा तेज है और लोग इसे व्यवहारिक नेतृत्व तथा जनसंदेश की मजबूत पहल के रूप में देख रहे हैं।