नई दिल्ली: देश में डिजिटल समावेशन और बहुभाषी सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए Digital India Bhashini Division और Department for Promotion of Industry and Internal Trade ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहयोग का उद्देश्य निवेश, उद्योग, स्टार्टअप और उद्यमिता से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर बहुभाषी सुविधाओं को मजबूत बनाना है।
इस पहल के तहत भारत की राष्ट्रीय भाषा डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना ‘भाषिणी’ की तकनीकों को डीपीआईआईटी के विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्मों से जोड़ा जाएगा। इससे उद्यमियों, निवेशकों, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और आम नागरिकों को अपनी पसंदीदा भारतीय भाषाओं में जानकारी और सेवाएं प्राप्त करने में सुविधा होगी। यह व्यवस्था संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में सेवाओं की पहुंच को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेगी।
साझेदारी के अंतर्गत बहुभाषी डिजिटल सेवाओं को सक्षम बनाने के लिए भाषिणी की विभिन्न तकनीकी पहलों जैसे उद्यात, मित्र, ऐपमित्र और प्रवक्ता का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा अनुवाद एपीआई, वॉइस-आधारित तकनीक, डोमेन-विशिष्ट भाषा मॉडल, बहुभाषी शब्दकोश और भाषाई डेटा सेट के विकास पर भी कार्य किया जाएगा।
इस सहयोग का प्रमुख उद्देश्य भाषा संबंधी बाधाओं को कम करना और सरकारी योजनाओं, निवेश अवसरों, स्टार्टअप सेवाओं तथा औद्योगिक नीतियों तक अधिक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करना है। इससे विभिन्न भाषाई पृष्ठभूमि से आने वाले नागरिकों और उद्यमियों के लिए आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी आसान हो सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बहुभाषी एआई आधारित तकनीकों के विस्तार से देश के स्टार्टअप, विनिर्माण और नवाचार इकोसिस्टम को नई गति मिलेगी। यह पहल निवेश संवर्धन, उद्यमिता और डिजिटल शासन को अधिक समावेशी बनाने में भी मदद करेगी।
भाषिणी प्लेटफॉर्म वर्तमान में सैकड़ों सरकारी वेबसाइटों को बहुभाषी सेवाएं प्रदान कर रहा है और भारतीय भाषाओं में डिजिटल संचार को सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नई साझेदारी के माध्यम से इसके उपयोग का दायरा और व्यापक होने की उम्मीद है, जिससे डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।