नई दिल्ली: दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए लॉन्च के 90 दिनों के भीतर ‘पिंक सहेली नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड’ (NCMC) के 10 लाख से अधिक कार्ड जारी कर दिए हैं, जो देश में सबसे तेज और बड़े पैमाने पर डिजिटल मोबिलिटी समाधान के रोल-आउट में से एक है।
2 मार्च 2026 को लॉन्च किया गया ‘पिंक सहेली NCMC कार्ड’ दिल्ली में सफर करने वाली महिलाओं को DTC बसों में मुफ़्त यात्रा का एक आधुनिक, डिजिटल और सुविधाजनक माध्यम उपलब्ध कराने के लिए पेश किया गया था। ‘नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड’ (NCMC) फ़्रेमवर्क पर आधारित यह पहल दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के कुशल नेतृत्व में दिल्ली सरकार की सुलभ, टेक्नोलॉजी-आधारित और यात्रियों के लिए सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है। परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा समर्थित नागरिक केंद्रित शासन की व्यापक सोच के अनुरूप हमारी सरकार दिल्ली के लोगों को बेहतर, पारदर्शी और आधुनिक मोबिलिटी सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के दौरान परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि परिवहन विभाग और DTC की टीमों ने इस पहल को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए शुरुआत से ही पूरी लगन और प्रतिबद्धताके साथ काम किया।
उन्होंने आगे कहा कि इतने कम समय में 10 लाख का आंकड़ा पार करना बेहद संतोष का विषय है। सबसे बड़ी खुशी इस बात की है कि यह सुविधा हमारी माताओं और बहनों तक पहुंच गई है। यह केवल एक ट्रैवल कार्ड नहीं है, बल्कि यह सुविधा, सशक्तिकरण और एकीकृत मोबलिटी की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने बताया कि ‘पिंक सहेली कार्ड’ केवल मुफ़्त बस यात्रा तक ही सीमित नहीं है। यह कई और फ़ायदे देता है। ‘नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड’ (NCMC) फ़्रेमवर्क पर आधारित इस कार्ड को रिचार्ज किया जा सकता है और दिल्ली मेट्रो, RRTS और NCMC-सक्षम जैसे अन्य सिस्टम में भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे महिला यात्रियों को वास्तविक रूप में एकीकृत मोबिलिटी का शानदार अनुभव मिलता है।
माननीय मंत्री महोदय ने बताया कि वर्तमान में दिल्ली भर में लगभग 73 वितरण केन्द्रों के माध्यम से ‘पिंक सहेली कार्ड’ जारी किए जा रहे हैं और प्रतिदिन लगभग 11000 कार्ड जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यदि मांग बढ़ती है तो सरकार वितरण क्षमता और पहुंच को और अधिक बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता साफ है— जो भी पात्र महिला इस सुविधा का लाभ उठाना चाहती है, उसे यह कार्ड जरूर बनवा लेना चाहिए। अगर अनुमान से ज़्यादा मांग होती है, तो हम इसे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। DTC के पास ज़्यादा लोगों तक पहुंचने के लिए जरूरी स्टाफ, सिस्टम और ऑपरेशनल तैयारी मौजूद है।
परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने आगे इस बात पर ज़ोर दिया कि डिजिटल बदलाव बेहतर सार्वजनिक परिवहन योजना और सुशासन को भी मजबूती प्रदान करेगा। इस पहल के माध्यम से प्राप्त डेटा और डिजिटल प्रणालियां बसों की बेहतर तैनाती, रूट ऑप्टिमाइजेशन, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और साक्ष्य-आधारित नीति-निर्धारण में अपना योगदान देंगी, जिसका उद्देश्य पूरे दिल्ली में सार्वजनिक मोबिलिटी की पहुंच को और ज्यादा बेहतर बनाना है।
इस कार्यक्रम के दौरान डीटीसी ने दिल्ली ट्रांसपोर्ट स्टैक और ‘वन दिल्ली ऐप’ के संचालन, रख-रखाव और संवर्धन के लिए IIT कानपुर के ‘ऐरावत रिसर्च फाउंडेशन’ (ARF) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए।
यह साझेदारी ‘वन दिल्ली ऐप’, ONDC आधारित बस टिकटिंग और अन्य यात्री सेवाओं जैसे प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को उन्नत तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स के माध्यम से मजबूत बनाते हुए दिल्ली के डिजिटल सार्वजनिक परिवहन इकोसिस्टम को मजबूत करेगी।
इस साझेदारी को परिवहन प्रौद्योगिकी प्रबंधन को संस्थागत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि प्रौद्योगिकी और सार्वजनिक सेवा का यह समन्वय राजधानी दिल्ली के लिए एक अधिक मजबूत, विश्वसनीय और आधुनिक मोबिलिटी इकोसिस्टम तैयार करने में सहायक होगा।
हमारा उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि टेक्नोलॉजी, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक प्रबंधन तरीकों के माध्यम से DTC के डिजिटल सिस्टम को और ज़्यादा मजबूत, पेशेवर और भविष्य के लिए तैयार बनाया जाए। यह साझेदारी यात्रियों के अनुभव को और ज्यादा बेहतर बनाएगी, सेवा की विश्वसनीयता को मजबूत करेगी और दिल्ली के लिए ज़्यादा स्मार्ट सार्वजनिक परिवहन योजना बनाने में भी मदद करेगी |
माननीय मंत्री महोदय ने आगे कहा कि हमारी सरकार नागरिक-केंद्रित परिवहन सुधारों और आधुनिक मोबिलिटी समाधानों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके माध्यम से दिल्ली के लोगों के लिए यात्रा सुविधा और सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी में सुधार हो सके।