नई दिल्ली। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और आम यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर बड़ा फैसला लिया है। बढ़ती यात्री संख्या और सड़क मार्ग पर बढ़ते दबाव को देखते हुए 30 जुलाई से 14 अगस्त तक प्रतिदिन 52 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप संचालित की जाएंगी। इसके साथ ही नमो भारत ट्रेनों की आवृत्ति (फ्रीक्वेंसी) भी बढ़ा दी गई है। अब यात्रियों को हर 10 मिनट की बजाय हर 8 मिनट के अंतराल पर ट्रेन उपलब्ध होगी। इस निर्णय से विशेष रूप से कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ और आसपास के क्षेत्रों के लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
एनसीआरटीसी के अनुसार कांवड़ यात्रा के समय हरिद्वार और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। इस दौरान कई प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर यातायात प्रतिबंध, डायवर्जन और भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में नमो भारत ट्रेन सेवा सड़क परिवहन का एक तेज, सुरक्षित और समयबद्ध विकल्प बनकर सामने आई है।
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लिया गया फैसला
एनसीआरटीसी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रतिदिन हजारों अतिरिक्त यात्री नमो भारत सेवा का उपयोग करते हैं। यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेनों की संख्या बढ़ाने और प्रतीक्षा समय कम करने का निर्णय लिया गया है। अतिरिक्त 52 ट्रिप के संचालन से यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे और स्टेशनों पर भीड़ का दबाव कम होगा।
नई व्यवस्था के तहत सराय काले खां से मोदीपुरम तक पूरे नमो भारत कॉरिडोर पर अतिरिक्त सेवाएं संचालित होंगी। इससे दिल्ली, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, दुहाई, मोदीनगर, मेरठ साउथ और अन्य स्टेशनों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
हर 8 मिनट में मिलेगी ट्रेन
अब तक पीक आवर्स में नमो भारत ट्रेनें हर 10 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध थीं, लेकिन कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ी हुई मांग को देखते हुए इस अंतराल को घटाकर 8 मिनट कर दिया गया है। इससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर कम इंतजार करना पड़ेगा और यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेन की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने से भीड़ का बेहतर प्रबंधन होगा और किसी एक ट्रेन पर अत्यधिक दबाव नहीं पड़ेगा। इससे यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
सड़क जाम से मिलेगी राहत
कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में कई मार्गों पर भारी ट्रैफिक दबाव रहता है। प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई स्थानों पर डायवर्जन लागू करता है। इससे आम यात्रियों को लंबा समय जाम में बिताना पड़ता है।
ऐसी स्थिति में नमो भारत ट्रेन उन लोगों के लिए सबसे बेहतर विकल्प बनकर उभरी है, जिन्हें समय पर कार्यालय, व्यवसाय, अस्पताल या अन्य जरूरी कार्यों के लिए यात्रा करनी होती है। रेल सेवा के माध्यम से लोग सड़क जाम से बचते हुए कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
श्रद्धालुओं को भी मिलेगा लाभ
हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में जलाभिषेक के लिए जाने वाले अनेक श्रद्धालु दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। नमो भारत ट्रेन सेवा उनके लिए भी तेज और सुरक्षित यात्रा का माध्यम बनेगी। इससे यात्रा के दौरान समय की बचत होगी और सड़क मार्ग पर वाहनों का दबाव भी कम होगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस है नमो भारत
नमो भारत ट्रेनें अत्याधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित हैं। इनमें वातानुकूलित कोच, आरामदायक सीटें, सीसीटीवी निगरानी, महिला सुरक्षा व्यवस्था, डिजिटल सूचना प्रणाली, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध हैं।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक स्टेशन पर प्रशिक्षित कर्मचारी, सुरक्षा बल और आधुनिक निगरानी प्रणाली भी तैनात रहती है। यही कारण है कि नमो भारत सेवा कम समय में यात्रियों के बीच लोकप्रिय होती जा रही है।
प्रशासन की अपील
एनसीआरटीसी ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन का समय देखकर ही स्टेशन पहुंचें। टिकट खरीदने के लिए डिजिटल माध्यमों का अधिक से अधिक उपयोग करें और स्टेशन परिसर में सुरक्षा नियमों का पालन करें। अधिकारियों ने यह भी कहा कि अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन से यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुविधाजनक होगी।
कांवड़ यात्रा के दौरान नमो भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाने और हर 8 मिनट में ट्रेन उपलब्ध कराने का निर्णय लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। सड़क जाम, डायवर्जन और बढ़ती भीड़ के बीच यह सेवा तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन विकल्प के रूप में उभर रही है। 30 जुलाई से 14 अगस्त तक लागू रहने वाली यह विशेष व्यवस्था श्रद्धालुओं और दैनिक यात्रियों दोनों के लिए बेहद लाभकारी मानी जा रही है।