लखनऊ-सीतापुर हाईवे होगा छह लेन, दीपावली से पहले मिल सकती मंजूरी

लखनऊ: राजधानी लखनऊ से सीतापुर के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए आने वाले समय में बड़ी राहत मिल सकती है। लखनऊ-सीतापुर हाईवे को छह लेन में तब्दील करने की तैयारी चल रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI की ओर से परियोजना को लेकर सर्वे कराया जा चुका है और अब प्रस्ताव को […]

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  • September 8, 2026 3:23 pm IST, Published 54 minutes ago

लखनऊ: राजधानी लखनऊ से सीतापुर के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए आने वाले समय में बड़ी राहत मिल सकती है। लखनऊ-सीतापुर हाईवे को छह लेन में तब्दील करने की तैयारी चल रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI की ओर से परियोजना को लेकर सर्वे कराया जा चुका है और अब प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया जारी है। माना जा रहा है कि दीपावली से पहले इस परियोजना को हरी झंडी मिल सकती है।

लखनऊ और सीतापुर के बीच सड़क यातायात लगातार बढ़ने के कारण मौजूदा मार्ग पर वाहनों का दबाव भी बढ़ा है। व्यस्त समय में कई स्थानों पर वाहनों की संख्या अधिक होने से यातायात प्रभावित होता है। ऐसे में सड़क को छह लेन करने की योजना को भविष्य की यातायात जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर आवागमन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

NHAI ने करीब छह महीने पहले इस मार्ग का सर्वे कराया था। सर्वे के दौरान सड़क की मौजूदा स्थिति, यातायात का दबाव और विस्तार से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं का आकलन किया गया। अब सर्वे से प्राप्त जानकारी के आधार पर परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण से जुड़ी औपचारिक प्रक्रियाएं शुरू की जा सकती हैं। प्रस्तावित परियोजना की अनुमानित लागत करीब एक हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि अंतिम लागत परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट, तकनीकी जरूरतों और निर्माण से जुड़े अन्य पहलुओं के आधार पर तय की जाएगी।

लखनऊ-सीतापुर मार्ग उत्तर प्रदेश के प्रमुख सड़क संपर्क मार्गों में शामिल है। राजधानी से सीतापुर के अलावा आसपास के कई क्षेत्रों की आवाजाही भी इसी मार्ग पर निर्भर करती है। रोजाना बड़ी संख्या में निजी वाहन, बसें, मालवाहक वाहन और अन्य व्यावसायिक वाहन इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। यातायात बढ़ने के साथ सड़क की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है। छह लेन की परियोजना को मंजूरी मिलने पर निर्माण कार्य के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, डिजाइन, तकनीकी मंजूरी और अन्य प्रशासनिक औपचारिकताएं शामिल हो सकती हैं। इसके बाद निर्माण एजेंसी और कार्य की समयसीमा को लेकर तस्वीर साफ होगी।

परियोजना पूरी होने के बाद लखनऊ और सीतापुर के बीच यात्रा को सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। अधिक लेन उपलब्ध होने से वाहनों के आवागमन के लिए अतिरिक्त जगह मिलेगी और यातायात दबाव को बेहतर तरीके से संभालने में सहायता हो सकती है। इससे सड़क के आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को भी लाभ मिलने की संभावना है।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण कदम परियोजना को औपचारिक मंजूरी मिलना है। दीपावली से पहले प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने की संभावना के बीच संबंधित विभागों की तैयारियों पर नजर बनी हुई है। मंजूरी के बाद ही निर्माण की विस्तृत रूपरेखा, समयसीमा और अन्य तकनीकी जानकारियां सामने आएंगी। करीब एक हजार करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना पूरी होने पर लखनऊ-सीतापुर मार्ग की परिवहन क्षमता में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है।

 

 

 

 

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