इकरा हसन को हाईकोर्ट से राहत, ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक

प्रयागराज: समाजवादी पार्टी की लोकसभा सांसद इकरा हसन को आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। हाईकोर्ट ने मामले में ट्रायल कोर्ट के समक्ष चल रही कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद फिलहाल इकरा हसन के खिलाफ निचली अदालत में […]

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  • September 8, 2026 1:36 pm IST, Published 19 minutes ago

प्रयागराज: समाजवादी पार्टी की लोकसभा सांसद इकरा हसन को आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। हाईकोर्ट ने मामले में ट्रायल कोर्ट के समक्ष चल रही कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद फिलहाल इकरा हसन के खिलाफ निचली अदालत में चल रही प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।

यह मामला लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज की गई प्राथमिकी से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि चुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर इकरा हसन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में ट्रायल कोर्ट की ओर से उन्हें समन जारी किया गया था। समन जारी होने के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां सांसद की ओर से राहत की मांग की गई।

हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगाने का आदेश दिया। अदालत का यह निर्देश अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, इस अंतरिम आदेश को मामले का अंतिम निपटारा नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट में आगे होने वाली सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े तथ्यों और कानूनी पहलुओं पर विस्तृत विचार किया जाएगा। इकरा हसन उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी की सांसद हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में चुनावी आचार संहिता से जुड़े प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था।

चुनाव के समय उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। किसी शिकायत या उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की ओर से कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। मामले में ट्रायल कोर्ट ने आगे की न्यायिक प्रक्रिया के तहत इकरा हसन को समन भेजा था। इसके बाद सांसद की ओर से हाईकोर्ट का रुख किया गया। याचिका में निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने फिलहाल इस मांग को स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही को अगले आदेश तक रोक दिया है।

इस घटनाक्रम को इकरा हसन के लिए तत्काल राहत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, प्राथमिकी और उससे जुड़े आरोपों पर अंतिम स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हुई है। हाईकोर्ट के आगे के आदेश और मामले की अगली सुनवाई के बाद ही यह तय होगा कि निचली अदालत की कार्यवाही किस दिशा में आगे बढ़ेगी। आचार संहिता से जुड़े मामलों में अदालतें आम तौर पर शिकायत, प्राथमिकी, जांच और निचली अदालत में हुई कार्यवाही के रिकॉर्ड के आधार पर मामले की कानूनी स्थिति का परीक्षण करती हैं। ऐसे में हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद अब संबंधित पक्षों की अगली कानूनी कार्रवाई और अदालत में होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी।

इकरा हसन को मिली यह राहत फिलहाल अंतरिम प्रकृति की है। हाईकोर्ट ने मामले की कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगाई है, इसलिए अंतिम फैसला आने तक प्राथमिकी से जुड़े आरोपों को समाप्त मानना उचित नहीं होगा। मामले की आगे की सुनवाई में अदालत के रुख से इसकी अगली दिशा स्पष्ट होगी।

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