नई दिल्ली: BRICS Summit 2026 से पहले राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के जवानों ने मंगलवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में मॉक ड्रिल की। अभ्यास का उद्देश्य किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखना और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना रहा।
BRICS शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली में विदेशी मेहमानों के आगमन का सिलसिला भी जारी है। सम्मेलन के दौरान वीआईपी और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अलग-अलग स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दे रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ राजधानी की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।
इसी वजह से 8 सितंबर की रात कारकेड रिहर्सल के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। रिहर्सल के दौरान राजधानी के करीब 22 प्रमुख स्थानों पर यातायात को अस्थायी रूप से डायवर्ट किया जाएगा। इसके अलावा 35 से अधिक सड़कों पर ट्रैफिक नियंत्रण और आवाजाही से जुड़े प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे प्रभावित मार्गों पर जाने से बचें और अपनी यात्रा पहले से निर्धारित कर लें।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, कारकेड रिहर्सल का मकसद सम्मेलन के दौरान वीआईपी मूवमेंट के लिए तय मार्गों की व्यवस्था को परखना है। इस दौरान कुछ रास्तों पर वाहनों की आवाजाही सीमित हो सकती है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें और सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय लेकर घर से निकलें। एडवाइजरी में दिल्ली एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों और अंतरराज्यीय बस अड्डों की ओर जाने वाले यात्रियों से विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
यात्रियों को पर्याप्त अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है ताकि डायवर्जन या ट्रैफिक नियंत्रण के कारण उनकी यात्रा प्रभावित न हो। दिल्ली पुलिस ने लोगों से निजी वाहनों की जगह मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों का इस्तेमाल करने की अपील भी की है। रिहर्सल और सम्मेलन के दौरान बसों के कुछ मार्गों में भी बदलाव किया जा सकता है। कुछ संवेदनशील या प्रतिबंधित क्षेत्रों में गैर-अधिकृत वाहनों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। विशेष रूप से कमर्शियल वाहनों की आवाजाही पर आवश्यकता के अनुसार प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
पुलिस ने पार्किंग को लेकर भी लोगों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। नागरिकों से केवल अधिकृत स्थानों पर ही वाहन खड़ा करने की अपील की गई है। नियंत्रित किए जाने वाले मार्गों के आसपास सड़क किनारे पार्किंग पर भी रोक रहेगी। एडवाइजरी के मुताबिक, प्रभावित सड़कों के करीब 200 मीटर के दायरे में वाहनों की पार्किंग की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ आपातकालीन वाहनों की आवाजाही के लिए रास्ता खुला रखना है। एंबुलेंस और मेडिकल इमरजेंसी से जुड़े वाहनों की आवाजाही को प्राथमिकता के आधार पर सुगम बनाया जाएगा। अन्य आवश्यक सेवाओं को भी परिस्थितियों के अनुसार अनुमति दी जा सकती है।
दिल्ली पुलिस ने आम लोगों से सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि नागरिकों की सतर्कता बड़े आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, वहीं ट्रैफिक पुलिस वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने की कोशिश में जुटी है।