शहरों से जाते पहाड़ों पर पर्यटक

कितने सुंदर लगते हैं ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में वे बनाते हैं प्लान निकल पड़ते हैं परिवार संग मनाली, रोहतांग, लेह लद्दाख, कश्मीर, मसूरी, नैनीताल, घोड़े पर चलते नौका विहार, ट्रैकिंग , बर्फ में स्कीइंग करते ये पर्यटक उठाते हैं आनंद और लुत्फ डल झील में वे नहीं उतरते डल उतरता है उनमें धीरे धीरे ।। कुछ […]

Advertisement
mountain
inkhbar News
  • April 15, 2026 12:28 pm IST, Updated 3 hours ago

कितने सुंदर लगते हैं
ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में
वे बनाते हैं प्लान
निकल पड़ते हैं परिवार संग
मनाली, रोहतांग,
लेह लद्दाख,
कश्मीर, मसूरी,
नैनीताल,
घोड़े पर चलते
नौका विहार,
ट्रैकिंग ,
बर्फ में स्कीइंग करते
ये पर्यटक
उठाते हैं आनंद और लुत्फ
डल झील में वे नहीं उतरते
डल उतरता है उनमें धीरे धीरे ।।
कुछ पर्यटक जो कहीं नहीं उतरते
छोड़ आते हैं तड़पने को
तरसने को
शुद्ध हवाओं को
शुद्ध नदियों को ।
दम तोड़ रहे हैं पहाड़ भी ,
कुंतल से कुंटल चिप्स के पैकेट, कोला की बोतलें
लील जा रही हैं पहाड़ों को
नदियों में सड़ते पसरे प्लास्टिक
आत्मसात नहीं कर पा रही हैं;
जबकि आत्मसात कर लेती हैं वे
हमारे दुखों के सागर को ।

 


Gauravshali Bharat
प्रियंका सोनकर

हिन्दी विभाग काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत

पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर लेखन (जनसत्ता, हंस, कथादेश, लमही, युग- परिबोध, कथाक्रम, कथानक, युद्धरत आम आदमी इत्यादि) 40 से अधिक प्रकाशित लेख एवं कविताएं ।
विशेषज्ञताः साहित्य, स्त्री अध्ययन और अस्मितामूलक विमर्श में रुचि ।
सम्पादन सहयोगः कथादेश के दलित साहित्य विशेषांक का अतिथि सम्पादन (2019).
पुरस्कार एवं सम्मान : दलित साहित्य अकादमी द्वारा ‘वीरांगना सावित्रीबाई फुले नेशनल फेलोशिप अवार्ड से सम्मानित 2015.
शोध-पत्र प्रस्तुतियां : पेरिस फ्रांस (2016) और लिस्बन, पुर्तगाल (2019), कनाडा 2022, न्यूयॉर्क (2023) , पुर्तगाल (2024) में अंतरराष्ट्रीय हिन्दी संगोष्ठी में सहभागिता और शोध-पत्र प्रस्तुति, 7 देशों(फ्रांस , जर्मनी, स्पेन, फिनलैंड, , इटली, पुर्तगाल , नेपाल) की यात्रा ।

Tags

mountain
Advertisement

Create a free account, or log in.

Gain access to read this content, plus limited free content.

Yes! I would like to receive new content and updates.