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एआई के बढ़ते प्रभाव से आईटी सेक्टर में संकट, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट की नई छंटनी योजना

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से बढ़ते प्रभाव ने आईटी सेक्टर में बड़े बदलाव की शुरुआत कर दी है। दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियां अब पारंपरिक नौकरियों को कम करके एआई आधारित तकनीकों में निवेश बढ़ा रही हैं। इसी क्रम में मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनियों ने बड़े स्तर पर छंटनी की योजना बनाई […]

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Gauravshali Bharat News
  • April 24, 2026 12:04 pm IST, Published 4 hours ago

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से बढ़ते प्रभाव ने आईटी सेक्टर में बड़े बदलाव की शुरुआत कर दी है। दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियां अब पारंपरिक नौकरियों को कम करके एआई आधारित तकनीकों में निवेश बढ़ा रही हैं। इसी क्रम में मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनियों ने बड़े स्तर पर छंटनी की योजना बनाई है, जिससे हजारों कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा अपने कुल कर्मचारियों का लगभग 10 प्रतिशत कम करने की तैयारी में है, जो करीब 8,000 नौकरियों के बराबर है। यह प्रक्रिया मई के अंत से शुरू हो सकती है। कंपनी ने इसके साथ ही हजारों खाली पदों को भी न भरने का फैसला लिया है। यह कदम कंपनी के बड़े पुनर्गठन और लागत संतुलन रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग पहले ही संकेत दे चुके हैं कि कंपनी भविष्य में अधिक दक्षता और तकनीकी नवाचार पर ध्यान केंद्रित करेगी।

दूसरी ओर, माइक्रोसॉफ्ट भी अपने कर्मचारियों के ढांचे में बदलाव कर रहा है। कंपनी ने अमेरिका में अपने कुछ कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का विकल्प दिया है। अनुमान है कि इस योजना से हजारों कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं। कंपनी का यह कदम एआई और क्लाउड टेक्नोलॉजी में बढ़ते निवेश के साथ संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में उठाया गया है।

इन दोनों कंपनियों का फोकस अब बड़े डेटा सेंटर, मशीन लर्निंग और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर है। माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में एआई से जुड़े बड़े निवेश की घोषणा की है, जबकि मेटा भी इस साल रिकॉर्ड पूंजी निवेश की योजना बना रही है। इन निवेशों का उद्देश्य भविष्य की तकनीकी जरूरतों को पूरा करना और प्रतिस्पर्धा में आगे बने रहना है।

हालांकि, इस बदलाव का सीधा असर आईटी प्रोफेशनल्स पर पड़ रहा है। पिछले दो वर्षों में कई टेक कंपनियों ने चरणबद्ध तरीके से कर्मचारियों की छंटनी की है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई के बढ़ते उपयोग से कई पारंपरिक नौकरियां खत्म हो सकती हैं, जबकि नई तकनीकी स्किल्स की मांग तेजी से बढ़ेगी।

ऐसे में आईटी सेक्टर के कर्मचारियों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे खुद को नए कौशल जैसे एआई, डेटा साइंस और ऑटोमेशन में प्रशिक्षित करें। बदलते समय के साथ खुद को अपडेट रखना ही इस चुनौती से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका हो सकता है।

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