राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जम्मू-कश्मीर के प्रमुख अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को करीब 30 साल पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी दिल्ली से की गई, जिससे एक बार फिर घाटी की राजनीति और सुरक्षा मामलों में हलचल तेज हो गई है।
शब्बीर शाह की गिरफ्तारी की पुष्टि उनके परिजनों ने की है। परिवार के मुताबिक, उन्हें शुक्रवार शाम को गिरफ्तारी की सूचना मिली, लेकिन अब तक उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
कोर्ट से मिली 3 दिन की ट्रांजिट रिमांड
गिरफ्तारी के बाद शब्बीर शाह को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां स्पेशल जज प्रशांत शर्मा ने NIA को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड दी। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, शब्बीर शाह को 20 अप्रैल 2026 को दोपहर 12 बजे से पहले जम्मू-कश्मीर की NIA स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा। फिलहाल NIA की टीम उन्हें दिल्ली से जम्मू-कश्मीर ले गई है।
क्या है 1996 का मामला?
NIA के मुताबिक, यह मामला 17 जुलाई 1996 का है, जो हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से जुड़े कार्यकर्ताओं की कथित गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़ा हुआ है।जांच एजेंसी का दावा है कि उस समय एक मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादी हिलाल अहमद बेग के शव को लेकर बड़े स्तर पर भीड़ जुटाई गई थी। इस भीड़ में शब्बीर शाह के साथ कई अन्य अलगाववादी नेता भी शामिल थे।
पहले भी मिल चुकी है जमानत
शब्बीर शाह को हाल ही में दो मामलों में राहत मिल चुकी थी:
इसके बावजूद अब 1996 के इस पुराने मामले में उनकी गिरफ्तारी ने नया कानूनी मोड़ ला दिया है। जानकारी के अनुसार, शब्बीर शाह अब तक अपने जीवन के लगभग 39 साल नजरबंदी और हिरासत में बिता चुके हैं। उन्हें लंबे समय से कश्मीर की अलगाववादी राजनीति का प्रमुख चेहरा माना जाता रहा है। फिलहाल, एनआईए सभी मामलों की जांच करने में जुटी है ।