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ई-रिक्शा बैटरी कंट्रोल करने वाले तीन ऐप हटाने की प्रक्रिया शुरू

नई दिल्ली: ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा और सुचारु संचालन को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने ऐसे तीन मोबाइल ऐप को हटाने के निर्देश दिए हैं, जिनका कथित तौर पर दुरुपयोग कर ब्लूटूथ के माध्यम से ई-रिक्शा की बैटरी को नियंत्रित किया जा रहा था। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, इन ऐप के जरिए […]

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  • July 3, 2026 3:21 pm IST, Published 2 hours ago

नई दिल्ली: ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा और सुचारु संचालन को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने ऐसे तीन मोबाइल ऐप को हटाने के निर्देश दिए हैं, जिनका कथित तौर पर दुरुपयोग कर ब्लूटूथ के माध्यम से ई-रिक्शा की बैटरी को नियंत्रित किया जा रहा था। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, इन ऐप के जरिए कुछ लोग चलते हुए ई-रिक्शा की बैटरी को बंद कर देते थे, जिससे वाहन बीच रास्ते में रुक जाता था और चालक तथा यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।

मंत्रालय के मुताबिक, जिन ऐप के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं उनमें BAT-BMS, लॉसिजी और इपोच ली-आयन शामिल हैं। सरकार ने संबंधित ऐप स्टोर से इन्हें हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है। हालांकि, शुक्रवार तक ये ऐप कुछ प्लेटफॉर्म, विशेष रूप से प्ले स्टोर पर उपलब्ध बताए गए।

सरकार तक पहुंची शिकायतों में कहा गया था कि कुछ असामाजिक तत्व या अनधिकृत लोग इन ऐप का इस्तेमाल कर ब्लूटूथ के जरिए ई-रिक्शा की बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) तक पहुंच बना लेते थे। इसके बाद वे बैटरी की सप्लाई रोक देते थे, जिससे वाहन अचानक बंद हो जाता था। इस तरह की घटनाओं से न केवल चालकों की रोज़ी-रोटी प्रभावित हो रही थी, बल्कि सड़क सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे।

हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो भी सामने आए, जिनमें चलते हुए ई-रिक्शा के अचानक रुक जाने की घटनाएं दिखाई गईं। इन वीडियो के वायरल होने के बाद मामले ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया और संबंधित एजेंसियों ने इसकी जांच शुरू की।

इलेक्ट्रिक वाहनों में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम एक महत्वपूर्ण तकनीकी हिस्सा होता है। यदि इसकी सुरक्षा मजबूत न हो तो अनधिकृत डिजिटल एक्सेस से वाहन संचालन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में साइबर सुरक्षा और वाहन सुरक्षा दोनों को साथ लेकर चलना आवश्यक है।

ई-रिक्शा आज दिल्ली सहित देश के कई शहरों में सार्वजनिक परिवहन का महत्वपूर्ण साधन बन चुके हैं। लाखों चालक अपनी आजीविका के लिए इन वाहनों पर निर्भर हैं। इसलिए तकनीकी खामियों या डिजिटल दुरुपयोग को रोकना सरकार और निर्माताओं दोनों की जिम्मेदारी मानी जा रही है। इसके अलावा बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम में बेहतर एन्क्रिप्शन, सुरक्षित प्रमाणीकरण और नियमित सॉफ्टवेयर अपडेट जैसी व्यवस्थाओं को भी प्राथमिकता देने की जरूरत है।

सरकार की इस कार्रवाई को ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा, डिजिटल दुरुपयोग पर रोक और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्र में भरोसा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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