दिल्ली सरकार ने राजधानी में घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी आपूर्ति को लेकर स्पष्ट किया है कि शहर में किसी भी प्रकार की गैस की कमी नहीं है और पूरी सप्लाई व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित हो रही है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांत रहें।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 12 अप्रैल को दिल्ली में घरेलू एलपीजी के लिए कुल 1,11,766 बुकिंग दर्ज की गई थीं, जबकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने उसी दिन 1,30,094 सिलेंडरों की डिलीवरी की। यह दर्शाता है कि मांग से अधिक आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है और लंबित ऑर्डर तेजी से पूरे किए जा रहे हैं।
सरकार ने बताया कि वर्तमान में एलपीजी डिलीवरी का औसत समय घटकर 3.87 दिन रह गया है, जो पहले 4.24 दिन था। यह सुधार डोरस्टेप डिलीवरी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और तेज बना रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो रहा है।
व्यावसायिक एलपीजी की स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया गया कि दिल्ली को प्रतिदिन लगभग 6,480 कमर्शियल सिलेंडरों (19 किलोग्राम समकक्ष) का आवंटन प्राप्त होता है। जबकि पिछले एक सप्ताह में औसत खपत लगभग 4,268 सिलेंडर रही है, जिसमें छोटे 5 किलोग्राम सिलेंडरों का उपयोग भी शामिल है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि वर्तमान में मांग की तुलना में उपलब्धता अधिक है।
सरकार ने उपभोक्ताओं से यह भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अनावश्यक जमाखोरी (स्टॉकपाइलिंग) से बचें और व्यवस्था पर भरोसा रखें। साथ ही, जिन उपभोक्ताओं को सिलेंडर प्राप्त करने में किसी प्रकार की समस्या आती है, वे नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर 011-23379836 या 8383824659 पर संपर्क कर सकते हैं। यह सुविधा सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक उपलब्ध है।
इसके अलावा, सरकार ने उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित किया है कि जहां संभव हो वहां पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का उपयोग बढ़ाया जाए, क्योंकि यह अधिक स्थिर और सुरक्षित आपूर्ति प्रणाली प्रदान करती है। विशेष रूप से अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे बड़े उपभोक्ताओं को PNG अपनाने की सलाह दी गई है।
दीर्घकालिक ऊर्जा समाधान के रूप में इलेक्ट्रिक और इंडक्शन कुकिंग को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है, जिससे पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम हो सके। सरकार का कहना है कि दिल्ली में ईंधन आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सिस्टम पूरी तरह तैयार है।