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तमिलनाडु में त्रिशंकु संकेत: TVK सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन बहुमत से दूर

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के ताज़ा रुझानों ने राज्य की सियासत को दिलचस्प मोड़ पर ला खड़ा किया है। अब तक के आंकड़ों के मुताबिक किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलता नजर नहीं आ रहा, जिससे त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बनती दिख रही है। रुझानों में तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी के रूप […]

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Gauravshali Bharat News
  • May 4, 2026 6:31 pm IST, Published 1 hour ago

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के ताज़ा रुझानों ने राज्य की सियासत को दिलचस्प मोड़ पर ला खड़ा किया है। अब तक के आंकड़ों के मुताबिक किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलता नजर नहीं आ रहा, जिससे त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बनती दिख रही है। रुझानों में तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती दिखाई दे रही है, जिसे करीब 109 सीटें मिलने का अनुमान है। हालांकि, यह आंकड़ा बहुमत के जादुई नंबर से अभी भी दूर है, जिससे सरकार गठन के लिए गठबंधन की जरूरत पड़ सकती है।

सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) को लगभग 62 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है, जो उसके लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) करीब 45 सीटों के साथ मुकाबले में बनी हुई है।

अन्य दलों की बात करें तो पट्टाली मक्कल कच्ची को 5 सीटें, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को भी 5 सीटें मिलने का अनुमान है। इसके अलावा वाम दलों के खाते में कुल 4 सीटें जाती दिख रही हैं।

इन रुझानों ने राज्य में संभावित गठबंधन राजनीति की चर्चा को तेज कर दिया है। TVK के पास सबसे ज्यादा सीटें होने के बावजूद, सरकार बनाने के लिए उसे सहयोगियों की तलाश करनी होगी। दूसरी ओर, DMK और AIADMK भी संभावित गठबंधन समीकरणों के जरिए सत्ता की दौड़ में बने रह सकते हैं।

राजनीतिक पंडितो का मानना है कि यह परिणाम तमिलनाडु की पारंपरिक द्विध्रुवीय राजनीति में बदलाव का संकेत है। मतदाताओं ने इस बार किसी एक दल को पूर्ण बहुमत न देकर संतुलित जनादेश दिया है, जिससे आने वाले दिनों में सियासी जोड़-तोड़ और रणनीतिक गठबंधन अहम भूमिका निभाएंगे। फिलहाल सभी की नजरें अंतिम नतीजों और संभावित गठबंधनों पर टिकी हैं, जो तय करेंगे कि तमिलनाडु की सत्ता की चाबी आखिर किसके हाथ में जाएगी।

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