Written By: Ravi Shankar Tiwari
नई दिल्ली : दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त दिल्ली के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत शुक्रवार को ईस्ट विनोद नगर स्थित डीटीसी डिपो से 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर दिल्ली–रोहतक अंतरराज्यीय ई-बस सेवा की शुरुआत, मदनपुर खादर बस टर्मिनल का लोकार्पण तथा डिपो के नव-निर्मित प्रशासनिक भवन का भी उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हमारी सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और दिल्ली निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है। कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित अन्य गणमान्य जन भी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार की प्रत्येक पहल का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर कनेक्टिविटी, स्वच्छ वातावरण और आधुनिक परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि आज का दिन विशेष है, क्योंकि एक साथ चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। उन्होंने बताया कि नई बसों में बड़ी संख्या देवी बसों की है, जो दूरस्थ और संकरी गलियों तक पहुंचकर आम नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधा प्रदान करेंगी। साथ ही दिल्ली-रोहतक अंतरराज्यीय बस सेवा के शुभारंभ से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने मदनपुर खादर बस टर्मिनल के उद्घाटन को यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा बताया, जिससे परिवहन सेवाएं अधिक व्यवस्थित होंगी।
उन्होंने ईस्ट विनोद नगर डिपो में नव-निर्मित प्रशासनिक भवन के उद्घाटन का भी उल्लेख किया और कहा कि बेहतर सुविधाओं से कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ती है। इस भवन में बायोमेट्रिक सिस्टम और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई है, जिससे चालक सुरक्षित और स्वस्थ स्थिति में बसों का संचालन कर सकें और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और दिल्ली निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है। दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति देश की सबसे प्रभावी और व्यापक नीतियों में से एक है। मुख्यमंत्री के अनुसार अगले चार वर्षों के लिए 4000 करोड़ रुपये का विशाल बजट निर्धारित किया गया है, जिसके तहत न केवल निजी वाहनों को प्रोत्साहन और रोड टैक्स में छूट दी जा रही है, बल्कि अब स्कूल बसों और वाणिज्यिक वाहनों को भी चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक में बदलने की योजना तैयार है।
पर्यावरण के प्रति अपनी संवेदनशीलता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ओखला क्षेत्र में एक विशाल ‘ईवी वेस्ट डिस्पोजल प्लांट’ स्थापित किया जाएगा ताकि भविष्य में ई-वाहनों की बैटरियों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर प्रकृति को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने दोहराया कि दिल्ली सरकार एक ‘क्लीन, ग्रीन और सतत’ परिवहन प्रणाली के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ये सभी प्रयास दिल्ली को एक सुरक्षित, तेज और प्रदूषण मुक्त भविष्य की ओर ले जाएंगे।
इस अवसर पर परिवहन व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि आज दिल्ली के परिवहन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को डीटीसी बेड़े में शामिल करना, दिल्ली-रोहतक इंटरस्टेट इलेक्ट्रिक बस सेवा का शुभारंभ, मदनपुर खादर में नए बस टर्मिनल और ईस्ट विनोद नगर डिपो में आधुनिक प्रशासनिक भवन का उद्घाटन, ये सभी पहल हमारी सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जिसके तहत हम दिल्ली की जनता को सुरक्षित, सुलभ और विश्वस्तरीय परिवहन सुविधाएँ प्रदान करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी के मार्गदर्शन में परिवहन विभाग को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। आज दिल्ली देश में इलेक्ट्रिक बसों के क्षेत्र में अग्रणी बन चुका है और हम इस बेड़े को और विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि प्रदूषण में कमी लाई जा सके और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके। उन्होने कहा कि दिल्ली-रोहतक जैसी इंटरस्टेट सेवाओं का विस्तार हमारी कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। डीटीसी परिवार की मेहनत और समर्पण के परिणामस्वरूप पिछले वर्ष की तुलना में आय में लगभग 173 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। इसके लिए वह विशेष रूप से मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी का आभार व्यक्त करते हैं। उनके सतत मार्गदर्शन और सहयोग के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी। डॉ. पंकज सिंह के अनुसार हमारी सरकार का लक्ष्य केवल बसों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि पूरे परिवहन तंत्र को आधुनिक, कुशल और नागरिक-केंद्रित बनाना है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि दिल्ली के हर कोने तक बेहतर कनेक्टिविटी पहुंचे और हर नागरिक को उसके अधिकार के रूप में गुणवत्तापूर्ण परिवहन सुविधा मिले।
200 नई ईवी बसों से बेहतर होगा सफर
नई 200 बसों के साथ ही राजधानी में कुल बस बेड़ा लगभग 6300 से अधिक हो गया है, जिसमें 4500+ इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं, जिससे दिल्ली देश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बस बेड़ा रखने वाला शहर बन गया है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2028-29 तक इस संख्या को बढ़ाकर लगभग 14,000 बसों तक पहुंचाना है। ये बसें सीसीटीवी कैमरा, पैनिक बटन, रियल-टाइम ट्रैकिंग और दिव्यांगजनों के लिए अनुकूल सुविधाओं से सुसज्जित हैं।
दिल्ली-रोहतक अंतरराज्यीय ई-बस सेवा का शुभारंभ
दिल्ली सरकार द्वारा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करते हुए दिल्ली-रोहतक ई-बस सेवा की शुरुआत की गई। इससे पहले दिल्ली-सोनीपत, पानीपत, धारूहेड़ा और बड़ौत सहित कई रूटों पर सेवाएं संचालित की जा रही हैं। नई सेवा का रूट आईएसबीटी कश्मीरी गेट/पीरागढ़ी से टिकरी बॉर्डर होते हुए बहादुरगढ़ और रोहतक तक निर्धारित किया गया है।
मदनपुर खादर बस टर्मिनल का लोकार्पण
मदनपुर खादर (कालिंदी कुंज मेट्रो स्टेशन के निकट) स्थित आधुनिक बस टर्मिनल में 3 बस बे और 2 यात्री शेड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, साथ ही एक समय में लगभग 6 बसों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए टॉयलेट और पास सेक्शन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। दिव्यांगजन के लिए विशेष रूप से अनुकूल रैंप बनाया गया है तथा जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) प्रणाली भी स्थापित की गई है। इस टर्मिनल से विभिन्न रूटों पर बस सेवाओं का संचालन प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत रूट संख्या 465 के तहत मदनपुर खादर टर्मिनल से सफदरजंग टर्मिनल तक 3 बसें, रूट संख्या डी-022 पर मदनपुर खादर टर्मिनल से सफदरजंग टर्मिनल के लिए 14 बसें चलाई जाएंगी। रूट संख्या डी-8802 के अंतर्गत मदनपुर खादर टर्मिनल से नेहरू प्लेस तक 5 बसों का संचालन किया जाएगा। इस टर्मिनल से कुल मिलाकर 22 बसों का संचालन प्रस्तावित है।
ईस्ट विनोद नगर में प्रशासनिक भवन
डिपो में नव-निर्मित प्रशासनिक ग्राउंड व प्रथम तल सहित विकसित किया गया है, जिसमें कुल 23 कक्ष हैं, जिनमें प्रशासनिक कक्ष, कैंटीन तथा विश्राम कक्ष भी शामिल हैं। भवन में दिव्यांगजन के लिए अनुकूल सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। साथ ही अग्नि सुरक्षा के दृष्टिकोण से 50 हजार लीटर क्षमता का फायर टैंक स्थापित किया गया है तथा जल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन प्रणाली भी विकसित की गई है।