नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में डिलीवरी के दौरान मोबाइल फोन चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से करीब 604 नए ब्रांडेड स्मार्टफोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोनों की अनुमानित कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जांच में सामने आया है कि डिलीवरी प्रक्रिया के दौरान करीब 1500 मोबाइल फोन गायब किए गए थे। पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा लगभग 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से ई-कॉमर्स कंपनियों के डिलीवरी नेटवर्क को निशाना बना रहा था। चोरी की वारदातें इतनी सुनियोजित थीं कि शुरुआत में किसी को भी इस पर संदेह नहीं हुआ। लेकिन लगातार मोबाइल फोन गायब होने की शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने व्यापक जांच शुरू की।
200 सीसीटीवी कैमरों से जुटाए गए अहम सबूत
जांच के दौरान पुलिस ने उन सभी मार्गों और वेयरहाउस क्षेत्रों की पहचान की, जहां से डिलीवरी ट्रक गुजरते थे। इसके बाद करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया गया। कई दिनों तक चली जांच में पुलिस को संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान संभव हो सकी।
सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी की कई वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
604 नए स्मार्टफोन बरामद
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर 604 नए ब्रांडेड स्मार्टफोन बरामद किए। बरामद मोबाइल अभी तक बाजार में नहीं पहुंचे थे और इन्हें विभिन्न ग्राहकों तक डिलीवर किया जाना था।
पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइल फोन की कुल कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। बरामद किए गए मोबाइलों की पहचान और उनके वास्तविक मालिकों की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उन्हें नियमानुसार वापस किया जा सके।
डिलीवरी सिस्टम का उठाया गया फायदा
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी डिलीवरी प्रक्रिया की कमियों का फायदा उठाकर मोबाइल फोन गायब करते थे। सामान की पैकिंग और ट्रांजिट के दौरान अवसर मिलते ही मोबाइल निकाल लिए जाते थे, जिससे लंबे समय तक चोरी का पता नहीं चल पाता था।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। संभावना जताई जा रही है कि चोरी किए गए मोबाइल विभिन्न राज्यों में कम कीमत पर बेचे जाते थे।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। उनके मोबाइल फोन, बैंक खातों और संपर्कों की भी जांच की जा रही है। इसके आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि चोरी किए गए बाकी मोबाइल कहां भेजे गए और उन्हें किन-किन माध्यमों से बेचा गया।
ई-कॉमर्स कंपनियों से भी मांगी गई जानकारी
मामले की जांच के दौरान संबंधित ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियों से भी विस्तृत जानकारी मांगी गई है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि डिलीवरी चेन में सुरक्षा व्यवस्था कहां कमजोर रही और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन उपायों की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान की डिलीवरी के दौरान निगरानी और ट्रैकिंग सिस्टम को और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
पुलिस ने लोगों से की अपील
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति बाजार मूल्य से बेहद कम कीमत पर नया मोबाइल फोन बेचने की कोशिश करता है तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। चोरी का सामान खरीदना भी कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।
पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच जारी रहेगी तथा गिरोह से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई को दिल्ली पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी निगरानी और लगातार की गई जांच के माध्यम से पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने डिलीवरी नेटवर्क को निशाना बनाकर बड़ी संख्या में मोबाइल फोन चोरी किए थे। अब पुलिस की कोशिश है कि चोरी हुए शेष मोबाइल भी बरामद किए जाएं और इस नेटवर्क से जुड़े सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।