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ब्रिटेन की भीषण गर्मी से NHS अस्पताल बेहाल, रुकी सर्जरी

लंदन: ब्रिटेन इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है और इसका सबसे गंभीर असर देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के कई अस्पतालों में अत्यधिक तापमान के कारण डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को काम करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो […]

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  • July 11, 2026 7:30 pm IST, Published 2 hours ago

लंदन: ब्रिटेन इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है और इसका सबसे गंभीर असर देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के कई अस्पतालों में अत्यधिक तापमान के कारण डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को काम करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई अस्पतालों में ऑपरेशन के दौरान सर्जनों को बीच-बीच में रुककर खुद को ठंडा करना पड़ रहा है, जबकि कुछ गैर-आपातकालीन सर्जरी को स्थगित या रद्द भी किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान और पुरानी अस्पताल इमारतों में पर्याप्त शीतलन व्यवस्था नहीं होने के कारण ऑपरेशन थिएटर सुरक्षित तापमान बनाए रखने में असफल साबित हो रहे हैं। इससे न केवल डॉक्टरों और नर्सों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा भी चुनौती बन गई है।

डॉक्टरों को आ रहे चक्कर, बढ़ रही परेशानी

ब्रिटेन के कई अस्पतालों से ऐसी रिपोर्ट सामने आई हैं जिनमें डॉक्टर और नर्स अत्यधिक गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, चक्कर आने और थकावट की शिकायत कर रहे हैं। ऑपरेशन के दौरान लंबे समय तक भारी सर्जिकल गाउन, मास्क और सुरक्षा उपकरण पहनकर काम करना और भी कठिन हो गया है।

कई सर्जनों को ऑपरेशन के बीच में कुछ मिनटों का विराम लेकर पानी पीना, ठंडी जगह पर जाना और शरीर का तापमान सामान्य करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में लगातार काम करना स्वास्थ्यकर्मियों और मरीजों दोनों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

ऑपरेशन थिएटरों में बढ़ा तापमान

जानकारी के अनुसार, कई अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटरों में तापमान सामान्य सीमा से ऊपर पहुंच गया है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक नमी के कारण चिकित्सा उपकरणों पर पानी की बूंदें तक जमने लगी हैं। इससे ऑपरेशन के दौरान तकनीकी और संक्रमण संबंधी जोखिम भी बढ़ सकता है।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पुरानी इमारतों में आधुनिक एयर कंडीशनिंग सिस्टम नहीं होने के कारण स्थिति को नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है। कई अस्पताल केवल सीमित क्षेत्रों में ही एयर कंडीशनिंग का उपयोग कर पा रहे हैं।

कई सर्जरी स्थगित, मरीजों की बढ़ी चिंता

गर्मी के कारण कई गैर-आपातकालीन ऑपरेशन टाल दिए गए हैं ताकि गंभीर मरीजों और आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता दी जा सके। इससे पहले से लंबी प्रतीक्षा सूची में शामिल मरीजों की चिंता और बढ़ गई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गर्मी का यह दौर लंबा चलता है तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं पर और अधिक दबाव पड़ सकता है। इससे इलाज में देरी और अस्पतालों की कार्यक्षमता प्रभावित होने की आशंका है।

विशेषज्ञों ने जताई चिंता

इंग्लैंड के प्रमुख सर्जनों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल एक अस्पताल की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे देश की स्वास्थ्य प्रणाली के सामने गंभीर चुनौती बन चुकी है। उनका मानना है कि अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को बदलते मौसम के अनुरूप आधुनिक बनाने की आवश्यकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कई NHS अस्पताल दशकों पहले बनाए गए थे, जब इतनी भीषण गर्मी की कल्पना भी नहीं की गई थी। इसलिए वर्तमान इमारतें लगातार बढ़ते तापमान का सामना करने के लिए उपयुक्त नहीं हैं।

जलवायु परिवर्तन का असर

विशेषज्ञ इस स्थिति को जलवायु परिवर्तन से भी जोड़कर देख रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में यूरोप में हीटवेव की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। ब्रिटेन, जिसे कभी ठंडे मौसम वाला देश माना जाता था, अब लगातार रिकॉर्ड तोड़ गर्मी का सामना कर रहा है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि भविष्य में ऐसी हीटवेव और अधिक सामान्य हो सकती हैं। ऐसे में अस्पतालों, स्कूलों और अन्य सार्वजनिक भवनों के बुनियादी ढांचे को नए मौसमीय हालात के अनुरूप तैयार करना आवश्यक होगा।

स्वास्थ्यकर्मियों के लिए विशेष निर्देश

NHS प्रशासन ने अस्पतालों को स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टरों और नर्सों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, नियमित अंतराल पर आराम करने और अत्यधिक गर्मी वाले क्षेत्रों में काम का समय सीमित रखने की सलाह दी गई है।

साथ ही अस्पतालों को तापमान की लगातार निगरानी करने और आवश्यक होने पर ऑपरेशन का समय बदलने या स्थगित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सरकार पर बढ़ा दबाव

इस पूरे घटनाक्रम के बाद ब्रिटेन सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे में सुधार करने का दबाव बढ़ गया है। विशेषज्ञों और स्वास्थ्य संगठनों ने अस्पतालों में आधुनिक कूलिंग सिस्टम, बेहतर वेंटिलेशन और ऊर्जा-कुशल भवनों के निर्माण की मांग की है।

विश्लेषकों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो भविष्य में बढ़ती गर्मी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर और गंभीर असर पड़ सकता है। फिलहाल NHS के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी कठिन परिस्थितियों में भी मरीजों को बेहतर उपचार देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि जलवायु परिवर्तन अब केवल पर्यावरण का नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य का भी बड़ा संकट बन चुका है।

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