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दिल्ली: हुमायूं टॉम्ब म्यूजियम में सजेगी 2,500 दुर्लभ कलाकृतियों की प्रदर्शनी

23 जुलाई को होगा उद्घाटन नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कला और संस्कृति प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। हुमायूं टॉम्ब म्यूजियम में 2,500 से अधिक दुर्लभ और ऐतिहासिक कलाकृतियों की भव्य प्रदर्शनी लगाई जा रही है। ‘संस्कृति म्यूजियम: एवरीडे आर्ट एंड इंडियन टेक्सटाइल्स’ नामक इस नई गैलरी का उद्घाटन 23 जुलाई को किया जाएगा, […]

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Gauravshali Bharat News
  • July 22, 2026 9:15 am IST, Published 2 hours ago

23 जुलाई को होगा उद्घाटन

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कला और संस्कृति प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। हुमायूं टॉम्ब म्यूजियम में 2,500 से अधिक दुर्लभ और ऐतिहासिक कलाकृतियों की भव्य प्रदर्शनी लगाई जा रही है। ‘संस्कृति म्यूजियम: एवरीडे आर्ट एंड इंडियन टेक्सटाइल्स’ नामक इस नई गैलरी का उद्घाटन 23 जुलाई को किया जाएगा, जबकि आम लोगों के लिए इसे 1 अगस्त से खोल दिया जाएगा।

प्रदर्शनी में क्या होगा खास?

नई गैलरी में भारत की समृद्ध कला, हस्तशिल्प और वस्त्र परंपरा से जुड़ी कई दुर्लभ वस्तुएं प्रदर्शित की जाएंगी। इनमें शामिल हैं—

  • 19वीं सदी का दुर्लभ टाइगर मास्क
  • अविभाजित भारत की ऐतिहासिक साड़ियां
  • ढाका की जामदानी
  • पंजाब की फुलकारी
  • गुजरात की पाटन पटोला (डबल इकत)
  • पारंपरिक खिलौने, लोटे, दीपक और पानदान
  • गहनों के प्राचीन बॉक्स
  • रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी ऐतिहासिक उपयोगी वस्तुएं

ओ. पी. जैन का अनमोल संग्रह

यह संग्रह प्रसिद्ध उद्योगपति ओ. पी. जैन ने 1970 के दशक से जुटाना शुरू किया था। वर्ष 2023 में उन्होंने अपने निजी संग्रह का अधिकांश हिस्सा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) को राष्ट्र के नाम समर्पित कर दिया। इसके बाद विशेषज्ञों द्वारा इन कलाकृतियों का संरक्षण और मरम्मत का कार्य किया गया।

पांच वर्षों तक रहेगा प्रदर्शन

इन दुर्लभ कलाकृतियों को अगले पांच वर्षों तक हुमायूं टॉम्ब म्यूजियम की नई गैलरी में प्रदर्शित किया जाएगा। म्यूजियम परिसर में तमिलनाडु की अय्यनार टेराकोटा परंपरा के विशाल घोड़े और हाथी भी आकर्षण का केंद्र होंगे। इसके अलावा संस्कृति केंद्र का पुराना लकड़ी का नक्काशीदार प्रवेश द्वार भी यहां स्थापित किया गया है।

यह नई प्रदर्शनी भारतीय कला, संस्कृति और विरासत को करीब से जानने का एक अनूठा अवसर होगी, जहां देश की समृद्ध परंपरा और इतिहास की दुर्लभ झलक एक ही स्थान पर देखने को मिलेगी।

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