अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले की जांच के बीच मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई स्तरों पर समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में मंदिर व्यवस्था से जुड़े एक और बदलाव की जानकारी सामने आई है।
मंदिर परिसर में यात्री सुविधाओं की व्यवस्था से जुड़े सोमेश को अब यात्री सेवा केंद्र की जिम्मेदारी से हटाकर विद्याकुंड स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम भेज दिया गया है। इस बदलाव के बाद यात्री सेवा केंद्र में उनका पद रिक्त हो गया है और फिलहाल इस स्थान पर नई तैनाती नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, सोमेश को मंदिर व्यवस्था देखने वाले पूर्व अधिकारी गोपाल राव का करीबी माना जाता था। गोपाल राव को पहले ही मंदिर की व्यवस्थाओं और ट्रस्ट से जुड़े दायित्वों से अलग किया जा चुका है। इसी पृष्ठभूमि में सोमेश की जिम्मेदारी में हुए बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, ट्रस्ट की ओर से इस बदलाव को लेकर विस्तृत आधिकारिक कारण सामने नहीं रखा गया है। मंदिर प्रशासन की ओर से समय-समय पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और जिम्मेदारियों के पुनर्गठन की प्रक्रिया चलती रहती है। इसी प्रक्रिया के तहत यह बदलाव भी देखा जा रहा है। राम मंदिर परिसर में चढ़ावे से जुड़े मामले की जांच के बाद ट्रस्ट ने व्यवस्थाओं की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना शुरू किया है। मंदिर से जुड़े कार्यों, कर्मचारियों की जिम्मेदारियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।
चढ़ावा चोरी मामले को लेकर पुलिस और जांच एजेंसियां पहले से सक्रिय हैं। जांच के दौरान मंदिर परिसर से जुड़े कुछ लोगों और व्यवस्थाओं की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है। इसी बीच ट्रस्ट की ओर से किए जा रहे प्रशासनिक बदलावों को इसी व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मंदिर की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए अलग-अलग विभागों में कर्मचारियों और अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय करता है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था, दान व्यवस्था और मंदिर संचालन से जुड़े कार्यों के लिए अलग-अलग इकाइयां काम करती हैं।
यात्री सेवा केंद्र मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण व्यवस्था का हिस्सा है। यहां यात्रियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े कार्य किए जाते हैं। ऐसे में यहां जिम्मेदारी में बदलाव को प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में मंदिर प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं को मजबूत करने में जुटा है। चढ़ावे और मंदिर संचालन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना ट्रस्ट की प्राथमिकताओं में शामिल है।
फिलहाल सोमेश को नई जिम्मेदारी सौंप दी गई है, जबकि यात्री सेवा केंद्र में नई नियुक्ति को लेकर निर्णय होना बाकी है। आने वाले दिनों में मंदिर प्रशासन की ओर से अन्य स्तरों पर भी बदलाव किए जाने की संभावना जताई जा रही है। ट्रस्ट और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच सभी की नजरें इस बात पर बनी हुई हैं कि मंदिर व्यवस्थाओं को लेकर आगे कौन-कौन से कदम उठाए जाते हैं और जांच में क्या नए तथ्य सामने आते हैं।