लखनऊ/उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का सपना देख रहे 12वीं पास छात्रों के लिए दाखिले का एक और बड़ा मौका सामने आया है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) से संबद्ध राजकीय इंजीनियरिंग संस्थानों में करीब 2,000 इंजीनियरिंग सीटें अभी भी खाली बताई जा रही हैं। इन रिक्त सीटों को भरने के लिए प्रवेश प्रक्रिया के विशेष चरण में काउंसिलिंग कराई जा रही है। ऐसे में वे विद्यार्थी, जो पहले की काउंसिलिंग में सीट हासिल नहीं कर पाए हैं, उनके लिए यह चरण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं, निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों को शामिल करने पर खाली सीटों की संख्या काफी अधिक है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार निजी संस्थानों में करीब 74,395 सीटें रिक्त बताई गई हैं। इससे स्पष्ट है कि इंजीनियरिंग में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए इस समय अवसर मौजूद है। हालांकि, विद्यार्थियों को आवेदन करने से पहले संबंधित संस्थान, पाठ्यक्रम और पात्रता की आधिकारिक जानकारी अवश्य जांचनी चाहिए।
विशेष काउंसिलिंग चरण में मिलेगा प्रवेश का मौका
AKTU की ओर से उत्तर प्रदेश के इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए UPTAC काउंसिलिंग प्रक्रिया संचालित की जा रही है। नियमित चरणों के बाद बची सीटों को भरने के लिए विशेष काउंसिलिंग राउंड आयोजित किए जाते हैं। इस प्रक्रिया में JEE Main 2026, CUET (UG) 2026 और 10+2 योग्यता के आधार पर पात्र उम्मीदवारों को अवसर दिया जा रहा है।
UPTAC 2026 के उपलब्ध कार्यक्रम के मुताबिक B.Tech के लिए विशेष राउंड में पंजीकरण, दस्तावेज सत्यापन, च्वाइस फिलिंग और सीट अलॉटमेंट जैसे चरण शामिल हैं। अलग-अलग चरणों में तारीखों में संशोधन भी किया गया है, इसलिए उम्मीदवारों को केवल सोशल मीडिया पोस्ट या पुराने कार्यक्रम पर निर्भर रहने के बजाय आधिकारिक पोर्टल पर नवीनतम अपडेट देखना चाहिए।
12वीं पास छात्रों के लिए क्यों खास है यह मौका?
इंजीनियरिंग में प्रवेश लेने के लिए 12वीं कक्षा में विज्ञान विषयों के साथ पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह चरण काफी अहम हो सकता है। विशेषकर वे छात्र जिन्हें पहले की काउंसिलिंग में मनचाहा कॉलेज नहीं मिला या किसी कारण से सीट नहीं मिल सकी, वे उपलब्ध रिक्त सीटों के आधार पर विकल्प तलाश सकते हैं।
विशेष काउंसिलिंग का उद्देश्य ही उन सीटों को भरना है जो नियमित काउंसिलिंग और अन्य प्रक्रियाओं के बाद खाली रह जाती हैं। ऐसे में उम्मीदवारों को अपनी पसंद के कॉलेज और ब्रांच चुनते समय सीट की उपलब्धता, फीस, कॉलेज की मान्यता, पिछले वर्षों के प्लेसमेंट रिकॉर्ड और आवागमन जैसी बातों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
30 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन, फिर भी सीटें खाली
सामने आई जानकारी के मुताबिक विशेष काउंसिलिंग चरण में अब तक 30 हजार से अधिक उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके बावजूद राजकीय संस्थानों में लगभग 2,000 और निजी संस्थानों में बड़ी संख्या में सीटों का खाली रहना इंजीनियरिंग शिक्षा के मौजूदा प्रवेश रुझान को दिखाता है।
यह स्थिति विद्यार्थियों के लिए अवसर भी है और सावधानी बरतने का संकेत भी। केवल सीट खाली होने के आधार पर किसी कॉलेज का चयन करना उचित नहीं होगा। उम्मीदवारों को उपलब्ध शाखाओं, फीस और कॉलेज की शैक्षणिक सुविधाओं की तुलना करनी चाहिए।
राजकीय कॉलेजों की सीटों पर छात्रों की नजर
राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों की सीटों को लेकर विद्यार्थियों की रुचि अधिक रहती है। अपेक्षाकृत कम फीस, सरकारी संस्थान की विश्वसनीयता और उपलब्ध संसाधनों के कारण इन सीटों की मांग बनी रहती है। यही वजह है कि करीब 2,000 खाली सीटों की जानकारी सामने आने के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी इस विशेष अवसर पर नजर रख रहे हैं।
हालांकि, सीटों की वास्तविक संख्या कॉलेज, ब्रांच, श्रेणी और काउंसिलिंग चरण के अनुसार बदल सकती है। इसलिए उम्मीदवार को सीट मैट्रिक्स में अपने लिए उपलब्ध विकल्पों की जांच करनी चाहिए।
निजी कॉलेजों में भी हजारों सीटें उपलब्ध
निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में रिक्त सीटों की संख्या कहीं अधिक बताई जा रही है। उपलब्ध आंकड़े में करीब 74,395 सीटें खाली होने की बात सामने आई है। इसका अर्थ यह है कि जिन छात्रों को राजकीय संस्थानों में सीट नहीं मिलती, उनके पास निजी संस्थानों में प्रवेश का विकल्प भी मौजूद हो सकता है।
लेकिन निजी कॉलेज में प्रवेश लेने से पहले कुल फीस, हॉस्टल शुल्क, परिवहन सुविधा, लैब, फैकल्टी, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट की जानकारी लेना जरूरी है। विद्यार्थियों को कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट और UPTAC की जानकारी से फीस एवं प्रवेश नियमों की पुष्टि करनी चाहिए।
सीट अलॉटमेंट के बाद रिपोर्टिंग भी जरूरी
काउंसिलिंग में सीट मिलने के बाद प्रक्रिया पूरी नहीं होती। उम्मीदवार को निर्धारित समय में सीट स्वीकार करने, जरूरी शुल्क जमा करने और संबंधित संस्थान में रिपोर्टिंग जैसी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ सकती हैं। उपलब्ध UPTAC कार्यक्रम में विशेष राउंड के लिए सीट अलॉटमेंट और उसके बाद फिजिकल रिपोर्टिंग की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
यदि उम्मीदवार निर्धारित समय पर रिपोर्ट नहीं करता है तो आवंटित सीट रद्द होने की स्थिति बन सकती है। इसलिए सीट मिलने के बाद काउंसिलिंग पोर्टल पर जारी निर्देशों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान
उम्मीदवार सबसे पहले यह जांचें कि वे संबंधित B.Tech पाठ्यक्रम के लिए पात्र हैं या नहीं। इसके बाद काउंसिलिंग पोर्टल पर उपलब्ध कॉलेज और ब्रांच की सीटों की जानकारी देखें। पसंद भरते समय केवल एक-दो संस्थानों पर निर्भर रहने के बजाय पर्याप्त विकल्प रखना बेहतर हो सकता है।
साथ ही, दस्तावेजों में 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, पहचान पत्र, फोटो, प्रमाणपत्र तथा श्रेणी या डोमिसाइल से जुड़े दस्तावेज, जहां लागू हों, तैयार रखने चाहिए। किसी भी शुल्क का भुगतान करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।
उत्तर प्रदेश में इंजीनियरिंग प्रवेश के इच्छुक 12वीं पास छात्रों के लिए विशेष काउंसिलिंग का यह चरण महत्वपूर्ण अवसर लेकर आया है। राजकीय संस्थानों में करीब 2,000 खाली सीटों और निजी संस्थानों में बड़ी संख्या में उपलब्ध सीटों के बीच विद्यार्थियों के पास प्रवेश के विकल्प मौजूद हैं। हालांकि, सीटों की संख्या और काउंसिलिंग की तारीखें बदल सकती हैं। इसलिए उम्मीदवारों को अंतिम निर्णय लेने से पहले UPTAC/AKTU के आधिकारिक अपडेट, सीट मैट्रिक्स और कॉलेज की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।