नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल के आसनसोल में कांग्रेस कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की कथित हत्या को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि चुनाव के बाद इस तरह की हिंसा बेहद निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी से जुड़े लोगों ने कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या की है। राहुल गांधी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की जगह अब ‘गुंडाराज’ हावी हो गया है, जहां विरोधी आवाजों को दबाने के लिए हिंसा का सहारा लिया जा रहा है।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि कांग्रेस की राजनीति कभी भी हिंसा पर आधारित नहीं रही है और न ही भविष्य में होगी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने कई बार अपने कार्यकर्ताओं को खोया है, लेकिन हमेशा अहिंसा और संविधान के मार्ग पर ही आगे बढ़ी है।
राहुल गांधी ने मृतक कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और राज्य सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कठोरतम सजा दी जाए। साथ ही, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और उचित मुआवजा भी सुनिश्चित किया जाए।
कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई ने भी इस घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि देबदीप चटर्जी पर सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों ने हमला किया, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं और बाद में उनकी मृत्यु हो गई।
राज्य कांग्रेस नेताओं के अनुसार, देबदीप चटर्जी आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार प्रसेनजीत पुइतांडी के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहे थे। पार्टी ने दावा किया कि यह घटना राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और विपक्षी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि मतदान के तुरंत बाद इस तरह की हिंसा होना राजनीतिक बदले की भावना और डर के माहौल को दर्शाता है। पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य में विपक्ष को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंच रहा है।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है, क्योंकि विपक्षी दल इसे कानून-व्यवस्था और लोकतंत्र के मुद्दे के रूप में उठा रहे हैं।