मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग से जुड़े हालिया घटनाक्रम को लेकर विपक्षी दलों के INDIA ब्लॉक में गतिविधियां तेज हो गई हैं। विपक्षी गठबंधन की प्रस्तावित बैठक 30 सितंबर को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में होने की जानकारी सामने आई है। बैठक में गठबंधन से जुड़े प्रमुख विपक्षी नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। इस दौरान चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
बैठक की तैयारी ऐसे समय में हो रही है, जब चुनाव आयोग के भीतर SIR से संबंधित कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर मतभेद की खबरों ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच SIR से संबंधित कुछ फैसलों और आदेशों पर कई बार आपत्ति दर्ज कराई थी। आयोग ने उत्तर प्रदेश में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के प्रस्तावित दो मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों के स्थगित होने को नियमित प्रशासनिक और लॉजिस्टिक कारणों से जुड़ा बताया है।
इसी बीच विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर समन्वय बढ़ता दिखाई दे रहा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सीपीएम महासचिव एमए बेबी के बीच शुक्रवार को फोन पर बातचीत होने की जानकारी सामने आई। दोनों नेताओं के बीच चुनाव आयोग से जुड़े हालिया घटनाक्रम और विपक्षी दलों के बीच संयुक्त रूप से मुद्दा उठाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। रिपोर्टों के अनुसार, एमए बेबी ने विपक्षी दलों को एक साझा मंच पर लाने की जरूरत बताई थी।
ममता बनर्जी और वाम दलों के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से राजनीतिक प्रतिस्पर्धा रही है। ऐसे में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर दोनों पक्षों के नेताओं के बीच बातचीत को विपक्षी समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, बैठक में क्या रणनीति तय होगी और किन मुद्दों पर संयुक्त कार्यक्रम बनाया जाएगा, इसका अंतिम फैसला विपक्षी दलों की आपसी चर्चा के बाद ही सामने आएगा।
INDIA ब्लॉक से जुड़े दल पहले भी चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर अपनी आपत्तियां सार्वजनिक रूप से रखते रहे हैं। विपक्षी दलों की ओर से संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए नए नोटिस देने और देशभर में प्रदर्शन करने की बात भी सामने आई है। इन दलों का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों और सरकार की ओर से विपक्ष के आरोपों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। आगामी बैठक में विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया, चुनाव आयोग के भीतर सामने आए मतभेदों और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े विवाद पर अपनी आगे की रणनीति पर विचार कर सकते हैं। बैठक में अलग-अलग दलों के रुख को एक साझा राजनीतिक कार्यक्रम में बदलने की संभावना भी चर्चा का विषय हो सकती है। हालांकि, अंतिम एजेंडा और बैठक में लिए जाने वाले फैसलों की आधिकारिक जानकारी बैठक के बाद ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल 30 सितंबर की प्रस्तावित बैठक ने चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को विपक्षी दलों के बीच समन्वय का प्रमुख मुद्दा बना दिया है। ममता बनर्जी और एमए बेबी की बातचीत तथा INDIA ब्लॉक के नेताओं की संभावित बैठक से संकेत मिलता है कि विपक्ष इस विषय पर आगे सामूहिक रूप से अपनी स्थिति रखने की तैयारी कर रहा है। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से सामने आने वाले स्पष्टीकरण और SIR से संबंधित अगले कदम भी इस पूरे घटनाक्रम में महत्वपूर्ण रहेंगे।