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दिल्ली को मिली बड़ी सौगात, बारापुला फेज-3 से सफर आसान

बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 को दिल्ली की यातायात व्यवस्था के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित परियोजना माना जाता रहा है। परियोजना को वर्ष 2014 में मंजूरी मिली थी और निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था। इसे शुरुआती तौर पर 2017 तक पूरा किया जाना था, लेकिन विभिन्न कारणों से इसमें देरी हुई। भूमि अधिग्रहण और निर्माण से जुड़ी अड़चनों के कारण इसकी समयसीमा कई बार आगे बढ़ी...

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  • September 29, 2026 4:08 pm IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली:  दिल्ली के बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं को गति देने की दिशा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 का उद्घाटन किया। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत केंद्र और दिल्ली सरकार के कई मंत्री, सांसद, विधायक तथा अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बारापुला फेज-3 लंबे समय से निर्माणाधीन परियोजनाओं में शामिल रहा है और इसके शुरू होने से पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच आवागमन को बेहतर बनाने की उम्मीद है।

बारापुला फेज-3 का निर्माण सराय काले खां से मयूर विहार फेज-1 के बीच संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। इस कॉरिडोर के चालू होने से मयूर विहार और मध्य एवं दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को अधिक सुगम मार्ग मिलने की उम्मीद है। परियोजना को सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक यह मार्ग करीब नौ किलोमीटर के संयुक्त कॉरिडोर का हिस्सा बनेगा और इससे रोजाना सफर करने वाले लोगों को समय की बचत हो सकती है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि दिल्ली में आधुनिक परिवहन व्यवस्था और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए कई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सहयोग के प्रति आभार जताया। मुख्यमंत्री के अनुसार राजधानी में बुनियादी ढांचे के विस्तार का उद्देश्य लोगों के आवागमन को सुविधाजनक बनाना और यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।

बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 को दिल्ली की यातायात व्यवस्था के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित परियोजना माना जाता रहा है। परियोजना को वर्ष 2014 में मंजूरी मिली थी और निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था। इसे शुरुआती तौर पर 2017 तक पूरा किया जाना था, लेकिन विभिन्न कारणों से इसमें देरी हुई। भूमि अधिग्रहण और निर्माण से जुड़ी अड़चनों के कारण इसकी समयसीमा कई बार आगे बढ़ी।

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सरकार के मुताबिक बारापुला कॉरिडोर के विस्तार से पूर्वी दिल्ली से एम्स और दक्षिण दिल्ली की तरफ आने-जाने वाले लोगों को वैकल्पिक और अधिक निर्बाध मार्ग उपलब्ध होगा। इससे प्रमुख जंक्शनों पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। परियोजना के साथ पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए सुविधाओं को भी शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है।

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान दिल्ली में अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी जिक्र किया गया। इनमें मुकरबा चौक अंडरपास, मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर और लोनी अंडरपास जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य अलग-अलग हिस्सों में यातायात दबाव कम करना और प्रमुख मार्गों के बीच संपर्क को मजबूत करना है। आज के कार्यक्रम में कुल ₹1,941 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास का उल्लेख किया गया।

कार्यक्रम में दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, रविंद्र इंद्राज सिंह और कपिल मिश्रा समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। डॉ. पंकज कुमार सिंह के अलावा विधायक तरविंदर सिंह मारवाह और रविंदर सिंह नेगी सहित कई गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

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बारापुला फेज-3 के शुरू होने के बाद अब इसके वास्तविक प्रभाव का आकलन यातायात संचालन और यात्रियों के दैनिक अनुभव के आधार पर किया जाएगा। दिल्ली में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव के बीच ऐसे एलिवेटेड कॉरिडोर और अंडरपास यातायात के वैकल्पिक मार्ग तैयार करने में भूमिका निभा सकते हैं। परियोजना के संचालन के साथ संबंधित एजेंसियों के सामने सड़क सुरक्षा, रखरखाव और यातायात प्रबंधन को प्रभावी बनाए रखने की जिम्मेदारी भी होगी।

राजधानी में परिवहन ढांचे के विस्तार के साथ आने वाले समय में अन्य सड़क और कनेक्टिविटी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाने की तैयारी है। बारापुला फेज-3 का उद्घाटन इसी व्यापक बुनियादी ढांचा विस्तार का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दिल्ली के अलग-अलग इलाकों के बीच आवागमन को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना है।

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