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MSME और MoSPI के बीच सांख्यिकीय व्यवसाय रजिस्टर को लेकर समझौता

एमएसएमई मंत्रालय की उद्यम पंजीकरण प्रणाली देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी का स्रोत है। इस डेटा को सांख्यिकीय प्रणाली के साथ निर्धारित प्रक्रिया के तहत साझा करने से राष्ट्रीय स्तर पर व्यवसायों की जानकारी के कवरेज को मजबूत करने में

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Gauravshali Bharat News
  • September 29, 2026 5:00 pm IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली:  सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई मंत्रालय) और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के बीच सांख्यिकीय व्यवसाय रजिस्टर (एसबीआर) को विकसित और मजबूत करने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का प्रमुख उद्देश्य दोनों मंत्रालयों के बीच व्यावसायिक और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े प्रासंगिक आंकड़ों के आदान-प्रदान के लिए एक व्यवस्थित और संस्थागत व्यवस्था तैयार करना है। इसके माध्यम से देश में आर्थिक आंकड़ों की उपलब्धता, गुणवत्ता और विश्वसनीयता को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

एमओयू के तहत एमएसएमई मंत्रालय के पास उपलब्ध उद्यम पंजीकरण से संबंधित इकाई-स्तरीय आंकड़ों को एक निर्धारित तकनीकी व्यवस्था के माध्यम से सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के साथ साझा किया जाएगा। इसके लिए एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस यानी एपीआई आधारित व्यवस्था विकसित की जाएगी। प्रस्तावित दो-तरफा एपीआई के जरिए राष्ट्रीय सांख्यिकीय व्यवसाय रजिस्टर तैयार करने के लिए आवश्यक डेटा उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे विभिन्न स्रोतों से मिलने वाली कारोबारी सूचनाओं को एक साझा ढांचे में व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।

समझौते पर एमएसएमई मंत्रालय के अपर सचिव एवं विकास आयुक्त डॉ. रजनीश और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अपर महानिदेशक डॉ. दलीप सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों के मुताबिक, समझौता ज्ञापन दोनों संस्थानों के बीच डेटा साझा करने की प्रक्रिया को स्पष्ट और संरचित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उद्यम पंजीकरण प्रणाली से प्राप्त सूचनाओं का इस्तेमाल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाना प्रस्तावित है। इसके जरिए कारोबारी इकाइयों से जुड़ी जानकारी को अधिक व्यापक, एकरूप और भरोसेमंद बनाने में सहायता मिल सकती है। देश में आर्थिक गतिविधियों से जुड़े आंकड़ों के संकलन और विश्लेषण के लिए अलग-अलग स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं का आपस में तालमेल महत्वपूर्ण माना जाता है। एसबीआर इसी दिशा में एक आधारभूत व्यवस्था के तौर पर काम करेगा।

सांख्यिकीय व्यवसाय रजिस्टर एक ऐसा केंद्रीय डेटाबेस होता है, जिसे नियमित अंतराल पर अपडेट किया जाता है। इसमें किसी निर्धारित भौगोलिक क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों में शामिल विभिन्न सांख्यिकीय इकाइयों का विवरण दर्ज किया जाता है। इनमें व्यवसाय, उद्यम, प्रतिष्ठान और अन्य आर्थिक इकाइयां शामिल हो सकती हैं। रजिस्टर में इन इकाइयों की प्रमुख विशेषताओं के साथ-साथ उनके बीच मौजूद संबंधों से जुड़ी जानकारी भी शामिल की जा सकती है।

एसबीआर का महत्व केवल आंकड़ों को एक जगह संग्रहित करने तक सीमित नहीं है। यह आर्थिक सर्वेक्षणों के लिए लक्षित आबादी की पहचान करने, सर्वेक्षणों में नमूना चयन को अधिक व्यवस्थित बनाने और कारोबार से संबंधित जनसांख्यिकीय आंकड़े तैयार करने में मदद करता है। इसके अलावा अलग-अलग आर्थिक डेटा स्रोतों के बीच एकरूपता और बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी इसकी भूमिका होती है।

व्यावसायिक आंकड़ों के लगातार बदलते स्वरूप को देखते हुए किसी भी रजिस्टर का नियमित रूप से अद्यतन होना जरूरी है। नए उद्यमों का पंजीकरण, मौजूदा इकाइयों में बदलाव और आर्थिक गतिविधियों की स्थिति जैसी सूचनाएं समय के साथ बदलती रहती हैं। ऐसे में पंजीकरण संबंधी डिजिटल डेटा को सांख्यिकीय प्रणाली से जोड़ने से आर्थिक गतिविधियों की तस्वीर को अधिक व्यवस्थित तरीके से समझने में मदद मिल सकती है।

एमएसएमई मंत्रालय की उद्यम पंजीकरण प्रणाली देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी का स्रोत है। इस डेटा को सांख्यिकीय प्रणाली के साथ निर्धारित प्रक्रिया के तहत साझा करने से राष्ट्रीय स्तर पर व्यवसायों की जानकारी के कवरेज को मजबूत करने में सहायता मिलने की उम्मीद है। साथ ही, अलग-अलग सरकारी डेटा स्रोतों के बीच एकीकरण को बढ़ावा देकर आर्थिक सर्वेक्षण और सांख्यिकीय विश्लेषण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

दोनों मंत्रालयों के बीच हुआ यह समझौता देश की आर्थिक सांख्यिकी व्यवस्था में डिजिटल डेटा के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में एक कदम है। इसके माध्यम से कारोबार से संबंधित सूचनाओं के संग्रह, प्रबंधन और उपयोग के लिए एक अधिक व्यवस्थित ढांचा विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। राष्ट्रीय सांख्यिकीय व्यवसाय रजिस्टर के सुदृढ़ होने से भविष्य में आर्थिक गतिविधियों से जुड़े सर्वेक्षणों और आंकड़ों की गुणवत्ता तथा उपयोगिता को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

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