वृंदावन में संत प्रेमानंद के शिष्य की मौत, CCTV ने खोले राज

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े साधु रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला लगातार चर्चा में है।

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  • October 2, 2026 9:00 pm IST, Published 6 hours ago

मथुरा/वृंदावन। वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े साधु रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। 25 सितंबर 2026 को गुरु कृपा कुंज परिसर की चौथी मंजिल से गिरने के बाद करीब 25 वर्षीय रसिक दुलारी शरण की मौत हो गई थी। शुरुआती पुलिस जांच में मामला आत्महत्या से जुड़ा बताया गया, लेकिन बाद में सामने आए CCTV फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कमरे से मिले सामान ने जांच के कई पहलुओं को महत्वपूर्ण बना दिया है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और फोरेंसिक जांच के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

CCTV फुटेज में सामने आया घटनाक्रम

मामले की जांच में CCTV फुटेज अहम साक्ष्य के तौर पर सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक 25 सितंबर की सुबह रसिक दुलारी शरण करीब 10:25 बजे अपने कमरे से बाहर निकलते दिखाई दिए। इसके बाद वह परिसर में घूमते हुए चौथी मंजिल की छत की ओर गए। CCTV में सुबह करीब 10:36 बजे उनके ऊंचाई से नीचे गिरने का घटनाक्रम दर्ज होने की बात सामने आई है।

घटना के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आवश्यक साक्ष्यों को सुरक्षित किया। CCTV रिकॉर्डिंग और DVR को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

दो साल पहले लिया था संत प्रेमानंद से दीक्षा

रसिक दुलारी शरण मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। उनका पुराना नाम दीपक लोधी बताया गया है। करीब दो वर्ष पहले वह वृंदावन आए थे और संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद उन्होंने अपना नाम रसिक दुलारी शरण रख लिया था। इसके बाद वह वृंदावन में रहकर साधु जीवन व्यतीत कर रहे थे।

परिवार के अनुसार, दीक्षा लेने के बाद उनके साथ संपर्क पहले की तुलना में काफी कम हो गया था। परिजनों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार की ओर से यह भी कहा गया कि उनकी मां बेटे से मिलने के लिए वृंदावन आई थीं, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। पुलिस ने परिजनों की ओर से उठाए गए सवालों को भी जांच में शामिल करने की बात कही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बढ़े जांच के सवाल

मौत के बाद कराए गए पोस्टमार्टम में शरीर पर कई चोटें सामने आने की जानकारी रिपोर्टों में दी गई है। अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सिर, चेहरे, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें दर्ज की गईं। कुछ रिपोर्टों में पसलियों और फेफड़े से संबंधित गंभीर चोटों का भी उल्लेख है। पोस्टमार्टम से मृत्यु का चिकित्सकीय कारण अत्यधिक रक्तस्राव यानी हेमरेजिक शॉक बताया गया है।

हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट किसी घटना के पीछे की परिस्थितियों या किसी व्यक्ति की भूमिका अपने आप निर्धारित नहीं करती। चोटें किन परिस्थितियों में लगीं, इसका निर्धारण पुलिस जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाना है।

कमरे से मिला इलेक्ट्रिक ग्राइंडर भी जांच का हिस्सा

पुलिस जांच के दौरान रसिक दुलारी शरण के कमरे से एक इलेक्ट्रिक ग्राइंडर बरामद होने की बात भी सामने आई है। पुलिस अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों में शरीर के निजी हिस्से पर कट के निशान का भी उल्लेख किया गया है। इस कारण जांचकर्ताओं ने कमरे से मिले उपकरण और अन्य सामग्री को भी जांच के दायरे में रखा है।

मामले से जुड़े मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों को भी फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले क्या गतिविधियां हुई थीं और मृतक की अंतिम गतिविधियों का घटनाक्रम क्या था।

परिवार ने उठाए सवाल, पुलिस कर रही जांच

मृतक के परिजनों ने घटना की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है। दूसरी ओर पुलिस की शुरुआती जांच में CCTV फुटेज के आधार पर चौथी मंजिल से गिरने की घटना को आत्महत्या से जोड़कर देखा गया। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है।

ऐसे में जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि CCTV में दिखाई देने वाली गतिविधियों, पोस्टमार्टम में मिली चोटों और घटनास्थल से बरामद वस्तुओं के बीच क्या संबंध है। फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य जांच निष्कर्ष सामने आने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर सावधानी जरूरी

घटना से संबंधित CCTV वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने व्यापक ध्यान खींचा है। हालांकि किसी वायरल वीडियो के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। वीडियो की प्रामाणिकता, उसकी पूरी रिकॉर्डिंग, समय और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच जरूरी है।

मामले में पुलिस की जांच अभी महत्वपूर्ण चरण में है। इसलिए आत्महत्या, दुर्घटना या किसी अन्य संभावना को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल CCTV फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य, मोबाइल डेटा और परिजनों के बयानों को जोड़कर घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

निष्कर्ष: रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में CCTV फुटेज ने घटना के समय और उनके अंतिम गतिविधियों से जुड़ी जानकारी सामने रखी है, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने शरीर पर गंभीर चोटों की पुष्टि की है। इन तथ्यों के बावजूद मौत की परिस्थितियों और चोटों के कारणों को लेकर जांच पूरी होना बाकी है। पुलिस की फोरेंसिक जांच और आगे सामने आने वाले साक्ष्य ही इस मामले की अंतिम तस्वीर स्पष्ट करेंगे।

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