जागीरोड। असम के मोरीगांव जिले के जागीरोड में टाटा समूह द्वारा तैयार किया जा रहा सेमीकंडक्टर प्लांट अब उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ गया है। करीब 592 एकड़ में फैले इस प्लांट में ट्रायल रन शुरू हो चुका है। पूरी तरह चालू होने के बाद यहां रोजाना करीब 4.8 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप तैयार करने की क्षमता होने का अनुमान है।
यह प्लांट सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और टेस्टिंग के क्षेत्र में देश की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। यहां वायर बॉन्डिंग, फ्लिप चिप और फैन-आउट जैसी आधुनिक पैकेजिंग तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
प्लांट में तैयार होने वाली चिप का इस्तेमाल ऑटोमोटिव, हेल्थकेयर, टेलीकम्युनिकेशन और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में किया जा सकेगा। कंपनी के मुताबिक, इस परियोजना से करीब 27 हजार से 40 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की क्षमता है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस प्लांट का आधिकारिक उद्घाटन दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 में कर सकते हैं।
प्लांट में चिप असेंबली और टेस्टिंग के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सेमीकंडक्टर निर्माण में बेहद उच्च स्तर की सटीकता जरूरी होती है। ऐसे में प्लांट के निर्माण और संचालन के दौरान कंपन, प्रदूषण और अन्य पर्यावरणीय कारकों से बचाव पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
जागीरोड का यह इलाका जंगली हाथियों की आवाजाही वाला क्षेत्र है। हाथियों के भारी कदमों से पैदा होने वाला कंपन संवेदनशील चिप असेंबली मशीनों को प्रभावित कर सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए प्लांट के आसपास ग्रीन बेल्ट और मजबूत एलिफेंट-प्रूफ दीवार बनाई गई है।
इसके अलावा क्षेत्र में सांपों की मौजूदगी को देखते हुए स्नेक रेस्क्यू टीम की व्यवस्था की गई है। प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों को भी सांपों से बचाव और आपात स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग दी गई है।
ट्रायल रन शुरू होने के साथ ही असम में सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़ी इस बड़ी परियोजना के व्यावसायिक उत्पादन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है।