चेन्नईः तमिलनाडु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास परियोजनाओं, शहरी परिवहन, मेट्रो नेटवर्क के विस्तार और बंदरगाहों की कार्यक्षमता मेंसुधार को लेकर अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। इस दौरान उन्होंने देश के विकास में राज्यों की भूमिका, सहकारी संघवाद केमहत्व और तमिलनाडु को विकसित भारत के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भागीदार बनाने के संकल्प पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों के अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता का विश्वास और समर्थन उनकी सबसे बड़ीताकत रहा है। अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद से उन्हें मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवाकरने का अवसर मिला। उन्होंने इस यात्रा को लोकतंत्र की शक्ति और जनता के भरोसे का परिणाम बताया। उनके अनुसार, लोकतंत्र को मजबूतबनाने में नागरिकों की भागीदारी और केंद्र तथा राज्यों के बीच सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका हमेशा से यह मानना रहा है कि किसी राज्य की प्रगति ही देश की समग्र उन्नति का आधार बनती है। इसी सोच केतहत विकास योजनाओं को आगे बढ़ाना और राज्यों की आवश्यकताओं के अनुसार बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना आवश्यक है।तमिलनाडु के संदर्भ में उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
चेन्नई में शहरी विकास के विषय पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक शहरों की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया।उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण को केवल चुनौती के रूप में देखने के बजाय इसे नए अवसरों के रूप में समझना चाहिए। बेहतरपरिवहन व्यवस्था से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलती है, यात्रा में लगने वाला समय कम होता है और शहरों की आर्थिक गतिविधियों को भीगति मिलती है।
उन्होंने मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया। प्रधानमंत्री के अनुसार, वर्ष 2014 में भारत का मेट्रो नेटवर्कलगभग 250 किलोमीटर था, जबकि अब यह बढ़कर 1,100 किलोमीटर से अधिक हो गया है। चेन्नई मेट्रो के विस्तार से शहर की परिवहनव्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने, सड़कों पर यातायात का दबाव कम करनेऔर शहरी जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है।

आधुनिक परिवहन व्यवस्था का महत्व केवल यात्रा तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संबंध रोजगार, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तकलोगों की पहुंच से भी है। जब किसी शहर में सार्वजनिक परिवहन मजबूत होता है, तो नागरिकों के लिए अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचना आसानहो जाता है। साथ ही, सुनियोजित शहरी विकास से भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहतर आधार तैयार किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने देश के बंदरगाहों में हुए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बंदरगाहों की गति और दक्षता मेंसुधार हुआ है। जहाजों के बंदरगाह पर ठहरने के समय में कमी आने से माल की आवाजाही अधिक प्रभावी हो सकती है। इससे भारतीय उत्पादोंको अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलती है और देश के व्यापारिक ढांचे को मजबूती मिलती है।
उन्होंने तमिलनाडु के भविष्य को लेकर आशा व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकारसहयोग जारी रखेगी। उनका संदेश स्पष्ट था कि मजबूत बुनियादी ढांचा, बेहतर सार्वजनिक परिवहन, कुशल बंदरगाह और केंद्र-राज्य के बीचतालमेल देश की आर्थिक प्रगति में अहम योगदान दे सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने विकसित तमिलनाडु और विकसित भारत के लक्ष्य को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ बताया। उनके अनुसार, जब राज्य आगे बढ़ेंगे, तभीदेश की समग्र विकास यात्रा को नई गति मिलेगी। चेन्नई में विकास परियोजनाओं को लेकर दिया गया यह संदेश शहरी सुविधाओं के विस्तार,आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम बनाने पर केंद्रित रहा।