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दिल्ली में प्रदर्शन के नियम बदले, जंतर-मंतर की जगह तीन नए स्थल निर्धारित

जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाकों में सरकारी आवासों, स्कूलों और अस्पतालों की मौजूदगी भी इस मुद्दे को महत्वपूर्ण बनाती है। प्रदर्शन के दौरान सड़कें बंद होने या यातायात का मार्ग बदलने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ मरीजों, उनके परिजनों, विद्यार्थियों और अस्पताल पहुंचने वाले अन्य लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसे में प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थान...

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  • October 12, 2026 2:10 pm IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली: दिल्ली में अब जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने विरोध-प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान निर्धारित किए हैं। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान शामिल है। जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में निर्धारित करने वाली अधिसूचना रद्द कर दी गई है। दिल्ली पुलिस की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि नई व्यवस्था लागू करने के लिए पहले से जारी स्थायी आदेश में आंशिक संशोधन किया गया है। तीनों नए स्थानों पर धरना-प्रदर्शन आयोजित करने से संबंधित विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी अलग से जारी की जाएगी।

दिल्ली पुलिस के इस फैसले को राजधानी में यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। जंतर-मंतर दिल्ली के प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों का केंद्र रहा है। यहां विभिन्न राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन, कर्मचारी समूह और अन्य संस्थाएं अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे हैं। हालांकि, मध्य दिल्ली में होने वाले इन प्रदर्शनों के कारण कई बार आसपास की सड़कों पर यातायात प्रभावित होता है। पुलिस की ओर से जारी ट्रैफिक एडवाइजरी के चलते वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ता है, जिससे रोजाना आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है।

जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाकों में सरकारी आवासों, स्कूलों और अस्पतालों की मौजूदगी भी इस मुद्दे को महत्वपूर्ण बनाती है। प्रदर्शन के दौरान सड़कें बंद होने या यातायात का मार्ग बदलने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ मरीजों, उनके परिजनों, विद्यार्थियों और अस्पताल पहुंचने वाले अन्य लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसे में प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थान निर्धारित करने के फैसले का एक उद्देश्य सार्वजनिक गतिविधियों और विरोध-प्रदर्शन के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करना भी माना जा रहा है। हालांकि, यातायात को लेकर वास्तविक राहत कितनी मिलेगी, यह नई व्यवस्था लागू होने और उसके प्रभावों पर निर्भर करेगा।

जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने का फैसला ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट में सीजेपी के प्रदर्शन से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान वैकल्पिक स्थान की जरूरत पर चर्चा हुई थी। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने जंतर-मंतर के आसपास सरकारी आवासों और स्कूलों की मौजूदगी के साथ प्रदर्शनकारियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का मुद्दा उठाया था। अदालत की ओर से इस बात पर भी ध्यान दिलाया गया कि प्रदर्शन के लिए चुने जाने वाले स्थान पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए।

सुनवाई के दौरान शौचालय, पीने के पानी और चिकित्सा सहायता जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं की जरूरत पर जोर दिया गया था। शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को अपनी मांगें रखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन इसके साथ प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और आम जनता की सुविधाओं का ध्यान रखना भी जरूरी है। नए स्थलों पर इन सुविधाओं की उपलब्धता और व्यवस्थाओं का स्वरूप संशोधित एसओपी में स्पष्ट होने की उम्मीद है।

दिल्ली पुलिस के आदेश के अनुसार, यह बदलाव पूर्व में जारी स्थायी आदेश संख्या L&O/48/22, दिनांक 28 अप्रैल 2022 में आंशिक संशोधन के तहत किया गया है। अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान में प्रदर्शन आयोजित करने के लिए अनुमति और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित नियम अलग से निर्धारित किए जाएंगे। इन नियमों में आयोजकों की जिम्मेदारियों और आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं का विवरण सामने आने के बाद ही नई व्यवस्था की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

इस फैसले के बाद राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के सामने अपने कार्यक्रमों के लिए नए निर्धारित स्थानों के अनुसार योजना बनाने की चुनौती होगी। वहीं, प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया स्पष्ट और व्यावहारिक हो तथा निर्धारित स्थलों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रहें। अब सबकी नजर संशोधित एसओपी पर है, जिससे यह पता चलेगा कि दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन की अनुमति लेने और उन्हें आयोजित करने की प्रक्रिया किस तरह संचालित होगी।

 

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