नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदल रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पिछले 15 दिनों से बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं, जिससे पांच लाख से अधिक लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। वहीं, राजस्थान में 14 अक्टूबर से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने के आसार हैं, जबकि उत्तराखंड के कई जिलों में बारिश का अनुमान है।
लखनऊ में बाढ़ के हालात लगातार बने रहने से हजारों परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शहर के कई इलाकों में जलभराव के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित है। पांच लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
फैजुल्लागंज क्षेत्र में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। यहां 50 से 60 हजार से अधिक घरों में आधे से ज्यादा हिस्से तक पानी भरने की बात कही गई है। कई जगहों पर सड़कों पर पानी जमा होने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। कुछ इलाकों में जलस्तर कम हुआ है, लेकिन राहत की स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। जलभराव के कारण कुछ स्थानों पर नावों के सहारे आवाजाही करनी पड़ रही है।
राजस्थान में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, 14 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में 16 अक्टूबर तक आंधी और बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने 14 अक्टूबर को राजस्थान के पांच जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। किसानों को भी फसलों की स्थिति पर नजर रखने और मौसम संबंधी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार जरूरी सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
हिमाचल प्रदेश में भी मौसम बदलने के संकेत हैं। मौसम विभाग ने राज्य के मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। वहीं, लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हो सकती है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम खराब होने से तापमान में गिरावट आने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है।
उत्तराखंड में भी 14 अक्टूबर को कई इलाकों में बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में बारिश हो सकती है।
राज्य के 3,500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। इससे ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ सकती है। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को सावधानी बरतने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में बाढ़ से राहत की चुनौती बनी हुई है, जबकि राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश, आंधी और बर्फबारी की संभावना ने मौसम को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर रखनी चाहिए।