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कोलकाता में बाइक हादसे के बाद गरियाहाट फ्लाईओवर की सड़क से हटी पेंटिंग

कोलकाता में चिंगरीघाटा फ्लाईओवर पर बाइक फिसलने का वीडियो वायरल होने के बाद गरियाहाट फ्लाईओवर से रंगीन पेंटिंग हटाई गई। जानिए पूरा मामला और सड़क सुरक्षा से जुड़े सवाल।

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Gauravshali Bharat News
  • October 15, 2026 8:30 pm IST, Published 2 hours ago

कोलकाता : कोलकाता के गरियाहाट फ्लाईओवर पर सड़क की पेंटिंग हटाए जाने की खबर ने सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के अनुसार, चिंगरीघाटा फ्लाईओवर पर बाइक हादसे की घटना सामने आने के बाद गरियाहाट फ्लाईओवर की सड़क पर बनी पेंटिंग हटाई गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई रात के समय की गई। हालांकि, पेंटिंग हटाने के पीछे प्रशासन की आधिकारिक वजह और हादसे से इसके सीधे संबंध की पुष्टि संबंधित अधिकारियों के बयान से होना बाकी है।

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि फ्लाईओवर पर सड़क की सतह, वाहनों की रफ्तार, बारिश के दौरान फिसलन और सड़क पर बने निशानों की स्थिति दोपहिया चालकों की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में सड़क पर पेंटिंग हटाने की कार्रवाई को लेकर लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या इसका उद्देश्य संभावित फिसलन को कम करना और यातायात को अधिक सुरक्षित बनाना था।

चिंगरीघाटा हादसे के बाद गरियाहाट फ्लाईओवर से हटी पेंटिंग

कोलकाता में दुर्गा पूजा से पहले सड़कों और फ्लाईओवरों को आकर्षक रंगों से सजाने की योजना अब सड़क सुरक्षा को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। चिंगरीघाटा फ्लाईओवर पर बारिश के बाद कई बाइक सवारों के फिसलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। इसी घटनाक्रम के बीच गरियाहाट फ्लाईओवर पर की गई रंगीन पेंटिंग हटाने का काम शुरू किया गया। समाचार एजेंसी यूएनआई की 15 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, वहां मशीनों और श्रमिकों की मदद से सड़क की रंगीन परत हटाई गई।

बारिश के बाद फिसलीं बाइक, वायरल हुआ वीडियो

मामले की शुरुआत कोलकाता के चिंगरीघाटा फ्लाईओवर से सामने आए एक वीडियो से हुई। वीडियो में बारिश के कारण गीली हुई रंगीन सड़क पर एक के बाद एक मोटरसाइकिल सवार अपना संतुलन खोते और गिरते दिखाई दिए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे हुई, जब हल्की बूंदाबांदी के कारण सड़क की सतह गीली थी। घटना के दृश्य एक कार के डैशकैम में रिकॉर्ड हुए, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने लगा।

इस घटना ने सड़क पर सजावटी रंगों के इस्तेमाल और दोपहिया वाहनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। फ्लाईओवर पर चलने वाले बाइक सवारों के लिए सड़क की सतह का पर्याप्त घर्षण बनाए रखना जरूरी होता है। यदि बारिश के दौरान सड़क फिसलन भरी हो जाए, तो अचानक ब्रेक लगाने, मोड़ काटने या वाहन को नियंत्रित करने में परेशानी हो सकती है।

हालांकि, वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली घटनाओं के आधार पर ही सभी हादसों का अंतिम कारण तय नहीं किया जा सकता। इसके लिए सड़क की सतह, इस्तेमाल किए गए रंग, मौसम और दुर्घटनाओं से जुड़े तकनीकी तथ्यों की जांच आवश्यक है।

गरियाहाट फ्लाईओवर से क्यों हटाया जा रहा रंग?

चिंगरीघाटा की घटना सामने आने के बाद गरियाहाट फ्लाईओवर पर पहले से की गई रंगीन पेंटिंग को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सड़क की रंगीन परत हटाने के लिए मशीनों और मैनुअल श्रम का इस्तेमाल किया गया। इस कदम को लेकर शहर में चल रही सड़क सौंदर्यीकरण परियोजना की सुरक्षा पर बहस तेज हो गई है।

गरियाहाट फ्लाईओवर को भी दुर्गा पूजा से पहले आकर्षक बनाने की योजना के तहत रंगा गया था। इससे पहले कोलकाता के कई फ्लाईओवरों और सड़कों पर अलग-अलग रंगों का इस्तेमाल किया गया था। इस पहल का उद्देश्य शहर को उत्सव के अवसर पर अधिक आकर्षक रूप देना था।

लेकिन चिंगरीघाटा पर बाइक सवारों के फिसलने की घटना के बाद अब प्राथमिकता सड़क की सुरक्षा और सतह की गुणवत्ता को लेकर बन गई है। पेंटिंग हटाने का कदम इसी व्यापक विवाद के बीच सामने आया है। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई के सभी तकनीकी कारणों का आधिकारिक विवरण सामने आना अभी बाकी है।

दुर्गा पूजा से पहले शुरू हुआ था सौंदर्यीकरण अभियान

कोलकाता में दुर्गा पूजा से पहले शहर के प्रमुख मार्गों, पुलों और फ्लाईओवरों को रंगीन बनाने की योजना शुरू की गई थी। इसमें गरियाहाट और चिंगरीघाटा के अलावा कुछ अन्य पुलों और सड़क हिस्सों को भी शामिल किया गया था। 10 अक्टूबर की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (KMDA) और हुगली रिवर ब्रिज कमिश्नर्स (HRBC) से जुड़े कार्यों के तहत कई स्थानों पर पेंटिंग की जा रही थी।

इस परियोजना का मकसद शहर की सड़कों को उत्सवी रूप देना था। हालांकि, व्यस्त फ्लाईओवरों पर किसी भी तरह का नया रंग या कोटिंग लगाने से पहले उसके सड़क सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने की जरूरत होती है।

सड़क पर इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री का चुनाव केवल उसके रंग और आकर्षक दिखने के आधार पर नहीं किया जा सकता। यह भी देखना आवश्यक है कि वाहन के टायरों और सड़क के बीच पर्याप्त पकड़ बनी रहे, विशेषकर तब जब बारिश, नमी या पानी जमा होने जैसी स्थितियां हों।

सड़क सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

चिंगरीघाटा की घटना के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या सड़क की रंगीन सतह ने बाइक सवारों के फिसलने में भूमिका निभाई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस आशंका को बल दिया है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष के लिए तकनीकी जांच जरूरी है।

सड़क पर लगाई जाने वाली पेंटिंग या कोटिंग का प्रदर्शन कई कारकों पर निर्भर करता है। इनमें सामग्री की गुणवत्ता, सड़क के साथ उसका जुड़ाव, सतह का खुरदरापन, पानी की निकासी और वाहन के टायरों की स्थिति शामिल हैं।

विशेषज्ञों की जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि इस्तेमाल की गई सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं। साथ ही, यह भी देखना होगा कि बारिश में सड़क की सतह पर घर्षण का स्तर सुरक्षित बना रहा या नहीं।

यदि किसी हिस्से पर रंग की परत ढीली हो रही हो या सड़क की सतह असामान्य रूप से चिकनी हो गई हो, तो उसे ठीक करने के लिए उचित तकनीकी उपाय जरूरी हो सकते हैं। हालांकि, गरियाहाट में रंग हटाने की कार्रवाई को लेकर विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।

प्रशासन की जांच और जिम्मेदारी का सवाल

इस पूरे मामले ने सड़क निर्माण, रखरखाव और सौंदर्यीकरण से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी पर भी बहस शुरू कर दी है। पश्चिम बंगाल की शहरी विकास एवं नगरपालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने चिंगरीघाटा की घटना के बाद जांच की बात कही थी। रिपोर्टों के अनुसार, संबंधित एजेंसियों को स्थिति की जांच करने और इस्तेमाल की गई सामग्री का आकलन करने के लिए कहा गया।

अब जांच के दौरान यह स्पष्ट करना जरूरी होगा कि रंगीन सतह पर बाइक सवारों के फिसलने की घटनाओं के पीछे कौन-से कारण थे। साथ ही, भविष्य में इस तरह की परियोजनाओं को लागू करने से पहले किन सुरक्षा परीक्षणों की आवश्यकता होगी, इस पर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश सामने आने चाहिए।

सार्वजनिक सड़कों पर होने वाले किसी भी काम में संबंधित विभागों, ठेकेदारों और तकनीकी विशेषज्ञों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसलिए पारदर्शी जांच से न केवल मौजूदा विवाद का समाधान हो सकता है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की आशंका भी कम की जा सकती है।

वाहन चालकों के लिए क्या है जरूरी?

जब तक सड़क की सतह को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक फ्लाईओवर से गुजरने वाले वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

* बारिश के दौरान फ्लाईओवर पर वाहन की गति कम रखें।

* अचानक ब्रेक लगाने और तेजी से दिशा बदलने से बचें।

* आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें।

* सड़क पर पानी, ढीली पेंटिंग या फिसलन दिखाई देने पर सावधानी से आगे बढ़ें।

* यातायात पुलिस की ओर से जारी निर्देशों और अस्थायी मार्ग परिवर्तनों का पालन करें।

इन उपायों से जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है, हालांकि सड़क की सुरक्षित स्थिति सुनिश्चित करना संबंधित प्रशासन की जिम्मेदारी भी है।

सौंदर्यीकरण से पहले सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी

गरियाहाट फ्लाईओवर से रंग हटाने की कार्रवाई ने कोलकाता में सड़क सौंदर्यीकरण की योजनाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बहस खड़ी कर दी है। शहर को सुंदर बनाना सार्वजनिक सुविधाओं के विकास का हिस्सा हो सकता है, लेकिन यह काम सड़क सुरक्षा के मानकों से समझौता किए बिना होना चाहिए।

चिंगरीघाटा की घटना और गरियाहाट में पेंटिंग हटाने की कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में किसी भी बदलाव के दौरान तकनीकी परीक्षण और सुरक्षा आकलन को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि जांच में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं, रंगीन सड़क की सतह से जुड़े जोखिमों की पुष्टि होती है या नहीं और भविष्य में ऐसे कार्यों के लिए कौन-से मानक अपनाए जाते हैं। फिलहाल, गरियाहाट फ्लाईओवर से पेंटिंग हटाने की खबर सड़क सुरक्षा को शहरी विकास योजनाओं के केंद्र में रखने की जरूरत को रेखांकित करती है।

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