नयी दिल्ली: दिल्ली में 2672 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के बड़े मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को अहम सफलता मिली है। एजेंसी ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। इस केस में गणेश ज्वैलरी हाउस का नाम सामने आने के बाद जांच तेज कर दी गई थी।
सीबीआई की जांच में सामने आया कि कंपनी से जुड़े लोगों पर बैंकों के साथ बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं करने का आरोप है। इसी कड़ी में मुख्य आरोपी कमलेश पारेख को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, यह गिरफ्तारी केस में एक बड़ी प्रगति मानी जा रही है।
जांच एजेंसी अब इस पूरे घोटाले के नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। सीबीआई का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद यह साफ संकेत गया है कि बड़े वित्तीय अपराधों में शामिल आरोपियों को कानून के शिकंजे से बचना आसान नहीं है, चाहे वे देश में हों या विदेश में।