अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए संसद की अनुमति लेना अनिवार्य नहीं है। ट्रंप ने अपने बयान में कहा, “पागलों को परमाणु हथियार नहीं दिए जा सकते,” जिससे उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख दिखाया है। डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित निर्णय लेना जरूरी होता है और ऐसे फैसलों के लिए संसद की अनुमति हमेशा अनिवार्य नहीं होती। उनके इस बयान को अमेरिका की विदेश नीति और सैन्य रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों को सैन्य सहायता जारी रखेगा। उन्होंने इज़रायल, कतर और संयुक्त अरब अमीरात को हथियार देने की बात कही है। इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में एक बार फिर भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ईरान को लेकर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। ट्रंप के इस बयान ने इस मुद्दे को और अधिक सुर्खियों में ला दिया है। वहीं, इजरायल, कतर और UAE जैसे देशों को लेकर भी अमेरिका की रणनीतिक नीति पर ध्यान केंद्रित हो गया है। ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान आने वाले समय में मध्य पूर्व की स्थिति को और जटिल बना सकते हैं।