सऊदी अरब ने हज 2026 की तैयारियों के तहत मक्का में प्रवेश को लेकर कड़े नियम लागू कर दिए हैं। नए निर्देशों के अनुसार अब केवल वैध हज परमिट रखने वाले श्रद्धालुओं को ही मक्का में प्रवेश की अनुमति होगी। इसके साथ ही उमराह वीजा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है, जिससे तीर्थयात्रा व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है।
यह फैसला Makkah में होने वाली भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सऊदी सरकार का उद्देश्य इस साल हज यात्रा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और नियंत्रित बनाना है, क्योंकि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक यह कदम सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय के संयुक्त समन्वय से लागू किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना आधिकारिक परमिट के किसी भी व्यक्ति को मक्का में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, चाहे उसका वीजा किसी भी प्रकार का क्यों न हो।
नए नियमों के तहत पर्यटक वीजा या सामान्य यात्रा वीजा पर आए लोगों को भी इस अवधि में मक्का में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। केवल वे लोग ही शहर में प्रवेश कर सकेंगे जिनके पास हज परमिट या मक्का में निवास/कार्य से जुड़े वैध दस्तावेज होंगे।
सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए प्रमुख प्रवेश मार्गों पर चेकपॉइंट बढ़ा दिए हैं। साथ ही डिजिटल निगरानी प्रणाली को भी सक्रिय किया गया है ताकि अवैध प्रवेश को रोका जा सके। सऊदी अरब का डिजिटल प्लेटफॉर्म “Nusuk app” इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा रहा है, जिसके जरिए परमिट और पहचान की जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना, डिपोर्टेशन और भविष्य में प्रवेश प्रतिबंध जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उमराह वीजा से जुड़े कार्यक्रम भी निर्धारित समय के अनुसार अस्थायी रूप से रोक दिए गए हैं। इसके तहत नई जारी तिथियों और यात्रा प्रतिबंधों का पालन करना सभी यात्रियों के लिए अनिवार्य होगा।
पिछले वर्षों की तुलना में इस बार हज यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसी कारण सऊदी प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
सरकार का कहना है कि इन सभी कदमों का उद्देश्य तीर्थयात्रियों को सुरक्षित वातावरण देना और पवित्र स्थलों पर सुचारू व्यवस्था बनाए रखना है।