भोजपुरी भाषा, साहित्य, सिनेमा और समाज के संरक्षण व विकास के लिए हमें अपनी भाषा का दैनिक जीवन में अधिक उपयोग करना चाहिए, स्थानीय लेखकों और कलाकारों को प्रोत्साहित करना चाहिए, अच्छी और सार्थक भोजपुरी फिल्मों व गीतों का समर्थन करना चाहिए, तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के लिए जागरूकता फैलानी चाहिए।
साहित्य के क्षेत्र में स्थानीय लेखकों, कवियों और रचनाकारों को बढ़ावा देना जरूरी है। उनकी पुस्तकों को पढ़ना, साझा करना और नए लेखन को प्रोत्साहित करना भाषा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके साथ ही डिजिटल माध्यमों जैसे ब्लॉग, सोशल मीडिया और यूट्यूब पर भोजपुरी सामग्री का निर्माण और प्रसार भी आवश्यक है।
भोजपुरी सिनेमा के संदर्भ में हमें अच्छी, सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित फिल्मों और गीतों का समर्थन करना चाहिए। अश्लील और निम्नस्तरीय सामग्री से बचते हुए गुणवत्तापूर्ण मनोरंजन को बढ़ावा देना जरूरी है।
अंततः, समाज में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नाटकों और उत्सवों के माध्यम से भोजपुरी परंपराओं को जीवित रखा जा सकता है। इस प्रकार संयुक्त प्रयासों से हम भोजपुरी भाषा और संस्कृति को समृद्ध और सशक्त बना सकते हैं।