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CBI Action: 504 करोड़ घोटाले में IAS अधिकारी गिरफ्तार

चंडीगढ़। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को 504 करोड़ रुपये के कथित सरकारी फंड घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के खातों में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में […]

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  • June 25, 2026 1:00 am IST, Published 41 minutes ago

चंडीगढ़। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को 504 करोड़ रुपये के कथित सरकारी फंड घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के खातों में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में की गई है। जांच एजेंसी के अनुसार मामले में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी नियमों के उल्लंघन के संकेत मिले हैं।

सीबीआई की जांच में सामने आया है कि संबंधित खातों को वित्त विभाग के निर्धारित नियमों के विपरीत संचालित किया गया था। आरोप है कि इन खातों के माध्यम से निर्धारित सीमा से अधिक धनराशि का लेनदेन किया गया और सरकारी फंड को ऐसे स्थानों पर स्थानांतरित किया गया, जहां इसकी अनुमति नहीं थी। जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान वित्तीय नियमों की अनदेखी की गई।

मामले की शुरुआत तब हुई जब हरियाणा सरकार को कुछ वित्तीय लेनदेन पर संदेह हुआ। प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद राज्य सरकार ने मामले की विस्तृत जांच की सिफारिश की। इसके बाद सीबीआई ने केस अपने हाथ में लेकर दस्तावेजों, बैंक खातों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच शुरू की। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और बैंकिंग लेनदेन एजेंसी के हाथ लगे।

सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ स्थित शाखा में खोले गए कुछ खातों में बड़ी मात्रा में सरकारी धन जमा किया गया था। जांच में पाया गया कि इन खातों के संचालन में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। एजेंसी का आरोप है कि सरकारी धन को ऐसे खातों में स्थानांतरित किया गया, जिनके संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कथित तौर पर लगभग 60 करोड़ रुपये की राशि पंकज अग्रवाल से जुड़े बैंक खातों तक पहुंची। हालांकि इस राशि के स्रोत और उपयोग को लेकर जांच अभी जारी है। सीबीआई का कहना है कि सभी वित्तीय लेनदेन की बारीकी से जांच की जा रही है और मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने कई अधिकारियों, बैंक कर्मचारियों और संबंधित संस्थाओं से पूछताछ की है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित घोटाले की योजना कैसे बनाई गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

पंकज अग्रवाल हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों में गिने जाते हैं और उन्होंने राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए इसे सरकारी तंत्र में पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है।

दूसरी ओर, कुछ अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। उनका कहना है कि अदालत में आरोप सिद्ध होने तक किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। फिलहाल सीबीआई मामले से जुड़े सभी तथ्यों और सबूतों को एकत्र करने में जुटी हुई है।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह हरियाणा के हाल के वर्षों के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक साबित हो सकता है। वहीं, इस मामले से सरकारी संस्थाओं में वित्तीय निगरानी और जवाबदेही को लेकर भी नए सवाल खड़े हो गए हैं।

सीबीआई ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में मामले में और गिरफ्तारियां या पूछताछ हो सकती है। एजेंसी फिलहाल धन के प्रवाह, बैंक खातों के संचालन और कथित लाभार्थियों की पहचान पर फोकस कर रही है। मामले की अगली सुनवाई और जांच रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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