नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश के उद्योगों, होटल-रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत देते हुए कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की आपूर्ति पर लगी सीमा (कैप) को समाप्त करने का फैसला किया है। इस निर्णय के बाद अब पात्र उपभोक्ताओं और औद्योगिक इकाइयों को उनकी वास्तविक जरूरत के अनुसार 100 प्रतिशत एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही इंडस्ट्री के लिए बल्क एलपीजी सप्लाई पर लगी रोक भी हटा दी गई है, जिससे विनिर्माण और सेवा क्षेत्र को राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब कई उद्योग और व्यवसाय लंबे समय से एलपीजी की सीमित उपलब्धता के कारण उत्पादन और संचालन में दिक्कतों का सामना कर रहे थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद होटल, रेस्टोरेंट, बेकरी, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, छोटे और मध्यम उद्योगों के साथ-साथ अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध हो सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि कमर्शियल एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति से उत्पादन लागत को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और कारोबार की निरंतरता बनी रहेगी। पहले निर्धारित सीमा के कारण कई संस्थानों को आवश्यक मात्रा में सिलेंडर नहीं मिल पाते थे, जिससे वैकल्पिक ईंधन का सहारा लेना पड़ता था। इससे संचालन लागत बढ़ने के साथ उत्पादन भी प्रभावित होता था।
सरकार के इस फैसले से खाद्य उद्योग, कैटरिंग सेवाएं, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थानों की कैंटीन, मिठाई एवं बेकरी उद्योग तथा छोटे उद्यमों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। इन क्षेत्रों में एलपीजी प्रमुख ईंधन के रूप में उपयोग की जाती है। पर्याप्त आपूर्ति मिलने से व्यवसायों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना आसान होगा।
उद्योग जगत ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। विभिन्न कारोबारी संगठनों का कहना है कि एलपीजी आपूर्ति की सीमा समाप्त होने से उत्पादन प्रभावित नहीं होगा और मांग के अनुरूप गैस उपलब्ध होने से आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। विशेष रूप से छोटे उद्योग, जो पूरी तरह एलपीजी पर निर्भर हैं, उन्हें इस फैसले से सबसे अधिक राहत मिलने की उम्मीद है।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, बल्क एलपीजी सप्लाई पर लगी रोक हटने से बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं को भी नियमित और पर्याप्त गैस उपलब्ध हो सकेगी। इससे उत्पादन क्षमता में सुधार होगा और कई उद्योगों की परिचालन लागत कम करने में सहायता मिलेगी। यह निर्णय औद्योगिक विकास को गति देने के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी सहायक साबित हो सकता है।
सरकार का कहना है कि देश में ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर एलपीजी वितरण व्यवस्था की समीक्षा की जाती है। नई व्यवस्था के तहत व्यावसायिक उपभोक्ताओं को आवश्यकता के अनुसार गैस उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा ताकि उद्योगों और सेवा क्षेत्र की गतिविधियां बिना किसी बाधा के संचालित हो सकें।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि यदि एलपीजी की आपूर्ति लगातार सुचारु बनी रहती है तो इससे बाजार में अनिश्चितता कम होगी और छोटे कारोबारियों को भी राहत मिलेगी। कई व्यवसायों को पहले सीमित आपूर्ति के कारण उत्पादन घटाना पड़ता था, लेकिन अब ऐसी स्थिति में सुधार आने की संभावना है।
हालांकि, घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए इस फैसले का कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह निर्णय मुख्य रूप से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर और औद्योगिक उपयोग के लिए लागू किया गया है। घरेलू गैस वितरण व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।
कुल मिलाकर, केंद्र सरकार का यह फैसला उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है। कमर्शियल एलपीजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित होने से उत्पादन, व्यापार और सेवा क्षेत्र को गति मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में इसका सकारात्मक प्रभाव देश की औद्योगिक गतिविधियों और आर्थिक विकास पर भी देखने को मिल सकता है।