नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब की मौजूदा कानून-व्यवस्था और सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य में आतंकवाद, नार्को-टेररिज्म, गैंगस्टर नेटवर्क और जबरन वसूली जैसी गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, जिनका असर राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
रंधावा ने बताया कि उन्होंने 4 जून 2026 को प्रधानमंत्री को एक विस्तृत पत्र भेजा था, जिसकी प्रति केंद्रीय गृह मंत्री को भी भेजी गई थी। पत्र में उन्होंने पंजाब के सीमावर्ती जिलों—गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन और पठानकोट—की सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चिंता जताई थी। उनके अनुसार, इन क्षेत्रों में पाकिस्तान समर्थित गतिविधियों, संगठित अपराध और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर मुद्दे सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अपने पत्र में उन्होंने बिगड़ती कानून-व्यवस्था, कथित नार्को-टेररिज्म, गैंगस्टरों और कुछ राजनीतिक तत्वों के बीच कथित गठजोड़ तथा पंजाब पुलिस के राजनीतिक उपयोग जैसे विषयों को उठाया था। साथ ही अपने संसदीय क्षेत्र में सक्रिय एक कुख्यात गैंगस्टर से जुड़ी जानकारी भी संबंधित अधिकारियों के साथ साझा की थी।
रंधावा के अनुसार, 23 जून को उन्होंने एक और पत्र भेजकर यह जानकारी दी कि गुरदासपुर सहित अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में गैंगस्टर नेटवर्क किस प्रकार सक्रिय हैं और किस तरह उनकी गतिविधियां लोगों में भय का माहौल पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इन पत्रों के बाद उन्हें एक बैठक के लिए बुलाया गया, जहां उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि बैठक के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह अपने अधीन कार्यरत विभिन्न केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों—जैसे इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), मिलिट्री इंटेलिजेंस, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के माध्यम से पूरे मामले की व्यापक समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करे। उनका कहना था कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब की सुरक्षा केवल राज्य का नहीं बल्कि पूरे देश का विषय है।
रंधावा ने दावा किया कि पंजाब में व्यापारियों, उद्योगपतियों और आम लोगों से जबरन वसूली तथा धमकियों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जेलों के भीतर से मोबाइल फोन के कथित इस्तेमाल के जरिए आपराधिक गतिविधियों के संचालन की शिकायतें लंबे समय से मिल रही हैं। उनके अनुसार, बैठक में मौजूद अधिकारियों ने भी इस प्रकार की चुनौतियों के अस्तित्व को स्वीकार किया।
उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार यह मानती है कि पंजाब की मौजूदा स्थिति राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बन रही है और इसमें सीमा पार से हस्तक्षेप की आशंका है, तो इस विषय पर ठोस और समन्वित कार्रवाई करना उसकी जिम्मेदारी है। रंधावा ने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल के साथ सुरक्षा एजेंसियों की सक्रिय भूमिका पर भी जोर दिया।
हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से रंधावा के इन बयानों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं पंजाब सरकार भी समय-समय पर यह कहती रही है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है।