पंजाब में खूनी तांडव : एक साथ 4 मौतें

सोते हुए चाची और 13 साल के भाई को भुना; फिर दोस्त को मार युवक ने खुद को भी उड़ाया बटाला। पंजाब के गुरदासपुर जिले के अंतर्गत आते बटाला से एक बेहद ही दिलदहला देने वाली और खौफनाक वारदात सामने आई है। यहाँ के गांव मुंडी कलार में मंगलवार देर रात एक युवक ने अंधाधुंध […]

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  • June 24, 2026 9:21 am IST, Published 1 hour ago

सोते हुए चाची और 13 साल के भाई को भुना; फिर दोस्त को मार युवक ने खुद को भी उड़ाया

बटाला। पंजाब के गुरदासपुर जिले के अंतर्गत आते बटाला से एक बेहद ही दिलदहला देने वाली और खौफनाक वारदात सामने आई है। यहाँ के गांव मुंडी कलार में मंगलवार देर रात एक युवक ने अंधाधुंध गोलियां बरसाकर अपनी ही चाची और 13 साल के मासूम चचेरे भाई की सोते समय बेरहमी से हत्या कर दी। खूनी खेल यहीं नहीं रुका, आरोपी ने इसके बाद अपने ही दोस्त को भी मौत के घाट उतार दिया और फिर खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में मातम और दहशत का माहौल है।

आधी रात को घर में घुसा और बरसा दीं गोलियां

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी मनजोत सिंह मंगलवार देर रात अपने दोस्त परगट सिंह के साथ अपने चाचा निशान सिंह के घर पहुंचा। परगट सिंह एक पूर्व फौजी है और वह गांव खान प्यारा का रहने वाला था।

  • पिस्तौल दोस्त की थी: वारदात के समय पूर्व फौजी परगट सिंह की लाइसेंसी पिस्तौल मनजोत सिंह के हाथ में थी।

  • सोते समय किया हमला: घर में दाखिल होते ही मनजोत ने गहरी नींद में सो रही अपनी 40 वर्षीय चाची हरदीप कौर और उनके 13 वर्षीय बेटे हरमीत सिंह पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

चाची-भाई को मारने के बाद दोस्त से हुई बहस, उसे भी मार डाला

कमरे के भीतर डबल मर्डर की इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद जब मनजोत बाहर निकला, तो घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर उसकी अपने दोस्त पूर्व फौजी परगट सिंह के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।

  • गुस्से में आकर मनजोत ने अपनी चाची और भाई को मारने के बाद उसी पिस्तौल से अपने दोस्त परगट सिंह के सीने में भी गोली उतार दी।

  • तीन हत्याएं करने के बाद आरोपी मनजोत सिंह ने बिना वक्त गंवाए पिस्तौल अपनी कनपटी पर रखी और खुद को भी गोली मार ली। चारों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

चाची के हाथ की ही रोटी खाता था अनाथ मनजोत; कत्ल की वजह साफ नहीं

इस सामूहिक हत्याकांड के पीछे की असल वजह क्या है, इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। गांव वालों और रिश्तेदारों के मुताबिक:

“आरोपी मनजोत सिंह के माता-पिता की काफी समय पहले ही मौत हो चुकी थी। वह अनाथ था और उसकी चाची हरदीप कौर ही उसका पूरा ख्याल रखती थीं। मनजोत रोज अपनी चाची के घर पर ही खाना खाता था।”

ऐसे में जिस चाची ने उसे मां की तरह पाला और खाना खिलाया, उसी को मनजोत ने मौत के घाट क्यों उतारा, यह पहेली बनी हुई है।

पुलिस जांच में जुटी, शव अस्पताल भेजे गए

घटना की सूचना मिलते ही थाना सेखवां की पुलिस भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बटाला के सिविल अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल परिवार या ग्रामीणों की तरफ से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन पुलिस हर एंगल (संपत्ति विवाद या आपसी रंजिश) से मामले की गहन जांच कर रही है।

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