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JDU से निष्कासन के बाद नीलम देवी को झटका, सरकारी बंगला खाली करना होगा

मोकामा विधानसभा क्षेत्र में अनंत सिंह और उनके परिवार का लंबे समय से राजनीतिक प्रभाव रहा है। अनंत सिंह को क्षेत्र में ‘छोटे सरकार’ के नाम से भी जाना जाता है। वर्ष 2022 में उनकी विधायकी समाप्त होने के बाद उनकी पत्नी नीलम देवी ने राजनीतिक जिम्मेदारी संभाली थी। राष्ट्रीय जनता दल ने उन्हें चुनाव में उम्मीदवार बनाया था। बाद में 2024 में नीलम देवी ने...

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  • October 26, 2026 6:30 pm IST, Published 46 minutes ago

पटना: बिहार में मोकामा के विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी से जुड़ा राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद अब नीलम देवी को पटना स्थित सरकारी आवास खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने उन्हें 25 नवंबर 2026 तक आवास खाली करने का निर्देश दिया है। इससे पहले नीलम देवी का राज्य मंत्री का दर्जा भी समाप्त कर दिया गया था।

नीलम देवी को पटना की मॉल रोड स्थित सरकारी आवास संख्या-1 इसी साल 19 मई को आवंटित किया गया था। उन्हें राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की सदस्य बनाए जाने के बाद उपमंत्री का दर्जा मिला था। इसी पद के आधार पर उन्हें सरकारी आवास की सुविधा प्रदान की गई थी। हालांकि, 26 अक्टूबर को जारी अधिसूचना के जरिए समिति में उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई। इसके बाद आवास खाली कराने की प्रक्रिया शुरू हुई।

भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी नोटिस में सरकारी आवास आवंटन से संबंधित नियमों का उल्लेख किया गया है। पटना केंद्रीय पूल आवास आवंटन नियमावली, 1986 के प्रावधानों के अनुसार, संबंधित पद समाप्त होने के बाद सरकारी आवास में रहने की अनुमति सीमित अवधि के लिए ही रहती है। इसी व्यवस्था के तहत नीलम देवी को 25 नवंबर तक बंगला खाली करने को कहा गया है।

इससे पहले जनता दल यूनाइटेड ने 24 अक्टूबर को अनंत सिंह और नीलम देवी को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित करने की घोषणा की थी। पार्टी ने दोनों के खिलाफ कथित पार्टी-विरोधी गतिविधियों को कार्रवाई का आधार बताया। विवाद की शुरुआत बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान हुई, जब अनंत सिंह ने JDU के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज समर्थित उम्मीदवार अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार किया। पार्टी नेतृत्व ने इसे संगठन के निर्देशों की अवहेलना माना।

JDU ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश भी बिहार विधानसभा अध्यक्ष से की है। इस संबंध में पार्टी की ओर से दस्तावेज और वीडियो साक्ष्य सौंपे जाने की खबर है। हालांकि, सदस्यता समाप्त करने का अंतिम फैसला संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया और विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय पर निर्भर करेगा। पार्टी से निष्कासन अपने आप में विधायक की सदस्यता समाप्त नहीं करता।

मोकामा विधानसभा क्षेत्र में अनंत सिंह और उनके परिवार का लंबे समय से राजनीतिक प्रभाव रहा है। अनंत सिंह को क्षेत्र में ‘छोटे सरकार’ के नाम से भी जाना जाता है। वर्ष 2022 में उनकी विधायकी समाप्त होने के बाद उनकी पत्नी नीलम देवी ने राजनीतिक जिम्मेदारी संभाली थी। राष्ट्रीय जनता दल ने उन्हें चुनाव में उम्मीदवार बनाया था। बाद में 2024 में नीलम देवी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का समर्थन किया और बिहार की राजनीति में उनके रुख को लेकर चर्चा हुई।

वर्तमान घटनाक्रम में अनंत सिंह और नीलम देवी के सामने एक साथ कई राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौतियां खड़ी हुई हैं। एक ओर पार्टी से निष्कासन और विधानसभा सदस्यता पर उठे सवाल हैं, तो दूसरी ओर नीलम देवी को सरकारी पद और आवास से जुड़ी सुविधाएं छोड़नी पड़ रही हैं। अब सबकी नजर विधानसभा अध्यक्ष के अगले कदम और निर्धारित समयसीमा के भीतर सरकारी आवास खाली किए जाने पर है।

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