नई दिल्ली, । दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में लोगों के बीच कुछ देर के लिए घबराहट का माहौल बन गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के चमोली क्षेत्र में था और इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 दर्ज की गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) देश में भूकंपीय गतिविधियों की निगरानी करने वाली नोडल सरकारी एजेंसी है।
भूकंप के झटके रात करीब 10:22 बजे महसूस किए गए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार भूकंप की गहराई लगभग 13 किलोमीटर थी। दिल्ली-एनसीआर में झटके महसूस होने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। कई लोगों ने बताया कि उन्हें कुछ सेकंड के लिए घरों की खिड़कियां, पंखे या अन्य सामान हिलता हुआ महसूस हुआ।
उत्तराखंड के चमोली में रहा भूकंप का केंद्र
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के चमोली क्षेत्र में दर्ज किया गया। उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र का हिस्सा है, जहां भूगर्भीय प्लेटों की सक्रियता के कारण भूकंपीय गतिविधियां होती रहती हैं। मंगलवार रात आए इस भूकंप का असर दिल्ली-एनसीआर तक महसूस किया गया।
भूकंप की तीव्रता मध्यम स्तर की थी, लेकिन इसकी वजह से राजधानी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को झटके स्पष्ट रूप से महसूस हुए। दिल्ली और आसपास के इलाकों में ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों को धरती के हिलने का अहसास अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकता है। भूकंप के दौरान इमारतों में कंपन महसूस होना सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है, हालांकि किसी भी संरचनात्मक नुकसान की स्थिति में विशेषज्ञ जांच जरूरी होती है।
नोएडा और गाजियाबाद में भी महसूस हुए झटके
दिल्ली के अलावा नोएडा और गाजियाबाद समेत एनसीआर के कई हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए जाने की खबर सामने आई। कुछ स्थानों पर लोगों ने एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकलना भी शुरू कर दिया। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है।
भूकंप के तुरंत बाद प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जाती है। ऐसे मामलों में शुरुआती घंटों के दौरान स्थानीय स्तर पर इमारतों और अन्य महत्वपूर्ण ढांचों की स्थिति का आकलन किया जाता है। इसलिए लोगों को अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी जाती है।
अचानक क्यों महसूस होते हैं भूकंप के झटके?
भूकंप धरती के भीतर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल से उत्पन्न होने वाली प्राकृतिक घटना है। जब पृथ्वी की सतह के नीचे चट्टानों और प्लेटों के बीच जमा तनाव अचानक ऊर्जा के रूप में बाहर निकलता है, तो भूकंपीय तरंगें पैदा होती हैं। यही तरंगें धरती की सतह तक पहुंचकर कंपन पैदा करती हैं।
हिमालयी क्षेत्र को भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। भारतीय प्लेट लगातार उत्तर की दिशा में बढ़ते हुए यूरेशियन प्लेट की ओर दबाव डालती है। इसी भूगर्भीय प्रक्रिया के कारण हिमालयी क्षेत्र में समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं। दिल्ली-एनसीआर भी इस व्यापक भूकंपीय क्षेत्र के प्रभाव से पूरी तरह अलग नहीं है।
भूकंप के दौरान क्या सावधानी बरतें?
भूकंप आने की स्थिति में सबसे जरूरी है कि लोग घबराएं नहीं। यदि कोई व्यक्ति घर या कार्यालय के अंदर है, तो तुरंत बाहर की ओर भागने के बजाय सुरक्षित स्थान तलाशना बेहतर होता है। मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे जाकर सिर और गर्दन को सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है।
खिड़कियों, शीशों, अलमारी और ऐसी वस्तुओं से दूर रहना चाहिए जो कंपन के दौरान गिर सकती हैं। लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यदि व्यक्ति पहले से खुले स्थान पर है तो बिजली के खंभों, पेड़ों और इमारतों से दूरी बनाकर सुरक्षित जगह पर रहना चाहिए।
वाहन में होने की स्थिति में वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोककर उसमें ही रहना बेहतर होता है। पुल, फ्लाईओवर, इमारतों या बिजली की लाइनों के नीचे वाहन रोकने से बचना चाहिए।
अफवाहों से बचें, आधिकारिक जानकारी पर दें ध्यान
भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे तेजी से फैलने लगते हैं। कभी-कभी भूकंप की तीव्रता, संभावित आफ्टरशॉक या नुकसान को लेकर अपुष्ट जानकारी साझा की जाती है। ऐसे में लोगों को केवल सरकारी एजेंसियों और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से मिली जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र देश में भूकंप की निगरानी करने वाली प्रमुख सरकारी एजेंसी है और इसकी वेबसाइट पर भूकंपीय घटनाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
फिलहाल मंगलवार रात दिल्ली-एनसीआर में महसूस किए गए झटकों के बाद किसी बड़े जान-माल के नुकसान की तत्काल सूचना नहीं है। हालांकि भूकंप के बाद स्थानीय स्तर पर स्थिति का आकलन जारी रह सकता है और आगे की जानकारी आधिकारिक एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
मुख्य बिंदु
– दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार रात भूकंप के झटके महसूस हुए।
– भूकंप की तीव्रता NCS के अनुसार 4.9 रही।
– भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के चमोली क्षेत्र में था।
– इसकी गहराई करीब 13 किलोमीटर बताई गई।
– नोएडा और गाजियाबाद समेत एनसीआर के कई इलाकों में झटके महसूस हुए।
– शुरुआती रिपोर्टों में बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है।
– लोगों से अफवाहों से बचने और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील है।