• होम
  • दिल्ली/NCR
  • आरक्षण हटाओ अभियान पर आठवले का बड़ा बयान, कार्रवाई की चेतावनी

आरक्षण हटाओ अभियान पर आठवले का बड़ा बयान, कार्रवाई की चेतावनी

नई दिल्ली। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे कथित “आरक्षण हटाओ” अभियान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि इस प्रकार की मुहिम भारतीय संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • July 30, 2026 8:04 pm IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे कथित “आरक्षण हटाओ” अभियान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि इस प्रकार की मुहिम भारतीय संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा और कानून के दायरे में रहकर संबंधित तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रामदास आठवले ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ लोग संगठित रूप से आरक्षण समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। उनके अनुसार यह केवल संविधान प्रदत्त अधिकारों को चुनौती देने का प्रयास नहीं है, बल्कि समाज में विभाजन और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली प्रवृत्ति भी है। उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त आरक्षण व्यवस्था सामाजिक न्याय की आधारशिला है और इसे कमजोर करने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि भारत के संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के उद्देश्य से आरक्षण का प्रावधान किया था। इसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह की सरकार ने मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया, जिससे लाखों युवाओं और वंचित वर्गों को शिक्षा एवं रोजगार में समान अवसर प्राप्त हुए।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (EWS) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू कर सामाजिक न्याय के दायरे को और व्यापक बनाया। उन्होंने इसे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी निर्णय बताया।

रामदास आठवले ने कहा कि वह इस पूरे मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखेंगे। पत्र के माध्यम से वह उन सोशल मीडिया अकाउंट्स और प्लेटफॉर्म पर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह करेंगे, जो आरक्षण विरोधी अभियान को बढ़ावा दे रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति या समूह संविधान विरोधी और समाज में वैमनस्य फैलाने वाले अभियान चलाता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ संविधान और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को कमजोर करना नहीं हो सकता।

रामदास आठवले ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक संविधान, सामाजिक समरसता और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के आदर्शों का सम्मान करें तथा किसी भी भ्रामक और विभाजनकारी अभियान का हिस्सा बनने से बचें। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक न्याय की भावना को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

Advertisement